संभल। जिले में एक महीने के भीतर दूसरे पुलिस कर्मी को रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा है। इससे संभल पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। जहां एक ओर शासन से भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर पुलिस विवेचना के नाम पर खेल कर रही है। कहीं आरोपी फंसाने के लिए रिश्वत ली जा रही है तो कहीं आरोपी बचाने की रिश्वत तय हो रही है। इसी के चलते जिले में एक महीने के भीतर दो पुलिसकर्मी रिश्वत लेते पकड़े गए हैं। इन दोनों ही मामलों में पीड़ित आम लोग थे।
दरअसल 11 दिसंबर 2019 को बहजोई स्थित क्राइम ब्रांच में तैनात निरीक्षक सहदेव सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। निरीक्षक बहजोई के गांव अतरासी में हुई एक हत्या के मामले में विवेचना कर रहा था। वादी से आरोपियों को गिरफ्तार करने के बदले रिश्वत मांग रहा था। आरोप था कि वादी एक लाख रुपये पहले ही दे चुका था। उसके बाद अगली कार्रवाई के लिए क्राइम ब्रांच निरीक्षक 40 हजार रुपये और मांग रहा था। वादी ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की तो टीम ने निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। अब नखासा थाने में तैनात उप निरीक्षक चरन सिंह 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। यह दोनों रिश्वत लेते पुलिसकर्मी एक महीने के भीतर पकड़े गए हैं।