कांठ। बृहस्पतिवार की शाम एक साथ दो तेंदुए दीवार फांदकर किसान के घर में घुस गए। किसान और उसके परिजनों ने घबराकर शोर मचाया तो दोनों तेंदुए भाग गए छजलैट थाना क्षेत्र के गांव सीमला निवासी भाकियू टिकैत नेता राहुल चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम करीब आठ बजे वह घर की छत पर थे, इसी दौरान अचानक उनके चाचा इंद्रपाल सिंह के घर की ओर की छोटी दीवार फांदकर दो तेंदुए घर में घुस आए।
यह देख परिजन घबरा गए और शोर मचाते हुए तेंदुओं पर डंडा फेंककर मारा। जिस पर इनमें से एक तेंदुआ दीवार को फांदकर भाग गया लेकिन दूसरा घर में ही रह गया। लगातार शोर मचाने और सबके हाथों में डंडे होने के कारण यह तेंदुआ भी जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद तमाम ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े तो तेंदुए रात के अंधेरे में गुम हो गए। सूचना पर 112 पीआरवी पुलिस भी पहुंच गए। तेंदुओं के घर में घुसने की सूचना वन विभाग को दी गई। किसान इंद्रपाल सिंह के घर में एक साथ दो तेंदुए घुसने से उनके परिजन काफी डरे और सहमे हुए हैं। इसी के साथ ग्रामीणों में भी तेंदुओं की दहशत व्याप्त हो गई है। राहुल चौधरी, इंद्रपाल सिंह, समरपाल सिंह आदि ग्रामीणों ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे लगवाने की मांग की है।
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अब छजलैट के करनपुर-हरकिशन की मड़ैयों में दिखा तेंदुआ
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने की कॉम्बिंग, ग्रामीणों को जागरूक भी किया
संवाद न्यूज एजेंसी
कांठ। कांठ और छजलैट क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। अब छजलैट के गांव करनपुर-हरकिशनपुर की मड़ैयों में तेंदुआ दिखाई दिया है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश में कॉम्बिंग करते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया है।
कांठ तहसील व छजलैट थाना क्षेत्र के गांव करनपुर-हरकिशनपुर निवासी अंकित बुधवार की रात मुरादाबाद जा रहे थे। जब वह मझरा मड़ैयों में तालाब के पास से निकल रहे थे, तभी इनकी नजर कुछ दूरी पर गन्ने के खेत के पास बैठे तेंदुए पर पड़ी। इस दौरान इन्होंने इसकी वीडियो भी बना ली। बताया गया कि कुछ ही देर में तेंदुआ गन्ने के अंदर चला गया। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल हो रही वीडियो की पुष्टि नहीं करती। तेंदुआ दिखने की जानकारी मिलने पर बृहस्पतिवार को डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, वन दरोगा राजेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तेंदुए की तलाश में कॉम्बिंग की।
डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि यहां तेंदुए की मौजूदगी से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए सतर्क रहने, आवश्यक कार्य के लिए खेतों पर समूह में जाने, काम करते हुए एक या दो व्यक्ति निगरानी करते रहने और शाम के बाद पशुओं और बच्चों को घरों में ही रखने को कहा है। पिछले दिनों से कांठ और छजलैट क्षेत्रों में तेंदुओं की चहल-कदमी बढ़ने से जहां ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है तो वहीं किसान अपनी फसलों की देखभाल भी नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए क्षेत्र के गांव कुचावली, रसूलपुर चौहरा, राजीपुर खद्दर, पाइंदापुर भांकरी, रम्पुरा, दयानाथपुर, सलेमुर में पिंजरे लगाए हुए हैं।