तेज धमाके से दीवार गिरने से भी जख्मी हुए कुछ लोग
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कैलसा रोड पर स्थित एक स्टेबलाइजर कारखाने में बुधवार दोपहर बॉयलर फटने से दो मजदूरों की मौत हो गई। तेज धमाके से परिसर का टिनशेड ध्वस्त हो गया। एक दीवार भरभरा कर गिरने से एक अन्य मजदूर तथा एक राहगीर भी जख्मी हो गए। पुलिस और दमकल टीम ने मौका मुआयने के बाद बॉयलर फटने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
वारदात नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बड़ा दरबार मुरादाबादी गेट निवासी अजीम के स्टेबलाइजर कारखाने में हुई। मकाननुमा दोमंजिला परिसर में चल रहे कारखाने में स्टेबलाइजर की बॉडी बनाने और उन्हें रंगने का काम होता है। कारखाने में काम करने वालों ने बताया कि पेंट के बाद स्टेबलाइजर की बॉडी को सुखाने के लिए बॉयलर की मदद ली जाती थी। बुधवार दोपहर रोज की तरह काम चल रहा था। अचानक तेज आवाज से बॉयलर फट गया। मजदूर शोएब पुत्र नौशे खां निवासी मोहल्ला कटरा गुलाम अली और अरशद निवासी मोहल्ला कटकुई बुरी तरह झुलस गए। गंभीर हालत में दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां शोएब की मौत हो गई। डॉक्टरों ने गंभीर हालत में अरशद को मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ ले जाते समय रास्ते में अरशद ने भी दम तोड़ दिया।
बायलर फटते समय हुआ धमाका इतना तेज था कि परिसर का टिनशेड क्षतिग्रस्त हो गया और उससे सटी दीवार भरभरा कर गिर गई। दीवार गिरने से एक मजदूर आजम और परिसर के बाहर मौजूद मजीपुरा निवासी हरिराम भी जख्मी हो गए। उन्हें अस्पताल में उपचार दिलाया गया।
कारखाना वैध या नहीं, जांच शुरू
स्टेबलाइजर कारखाने में जानलेवा हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीएम शशांक चौधरी और सीओ सिटी दिनेश यादव मौके पर पहुंचे। घटना स्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी ली। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और दमकल टीम ने शुरुआती जांच शुरू कर दी है। कारखाना वैध या नहीं, इसकी भी जांच कराई जा रही है।
आग लगती तो बेकाबू होते हालात
नगर कोतवाली क्षेत्र में स्टेबलाइजर कारखाने में बॉयलर फटने के बाद की पड़ताल में पुलिस को परिसर से रसोई गैस के चार सिलिंडर मिले हैं। चारों घरेलू गैस सिलिंडर हैं। मौके पर जुटे लोगों का कहना था कि बायलर फटने से अगर आग फैल जाती तो हादसा और भीषण स्वरूप ले लेता। गनीमत रही कि आग नहीं फैली, वरना हालात बेकाबू हो सकते थे।