खूंखार कुत्ता (सांकेतिक तस्वीर)
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खूंखार कुत्तों ने जिले में दो काले हिरणों को नोचकर बुरी तरह घायल कर दिया। घायल हिरणों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इनमें एक गर्भवती मादा हिरण भी शामिल थी। वन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों हिरणों को दफना दिया।
पहली घटना मंगलवार की शाम को गांव कादलपुर कुकैटा में हुई। जंगली कुत्तों के हमले में काला हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया था। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सक को बुलाकर उपचार कराया और वन विभाग की टीम को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने पड़ताल कर एक ग्रामीण के हवाले काला हिरण कर दिया और चले गए। रात को हिरण की मौत हो गई।
दूसरी घटना बहजोई थाना क्षेत्र के गांव सैमला और ठाठी के बीच घटी। खेत खलिहानों में खूंखार कुत्तों ने मादा हिरण पर हमला किया। इसमें हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने हिरण का उपचार कराया, लेकिन हिरण ने रात को दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि हिरणों पर लगातार खूंखार कुत्तों के हमले हो रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से वन्य जीव संरक्षण के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जून में दो हिरणों की खूंखार कुत्तों के हमले में मौत हो चुकी है।
हिरण पानी पीने के लिए खेतों की ओर पहुंचते हैं। खेतों में डाले कीटनाशकों की वजह से पानी पीने के बाद हिरण बेसुध हो जाते हैं। इसके बाद वे आसानी से कुत्तों के हमले का शिकार हो जाते हैं। सैमला और ठाठी के बीच जिस हिरण पर कुत्तों ने हमला किया वह गर्भवती थी। पोस्टमार्टम कर दफना दिया गया है। दूसरा हिरण काला था। उस पर भी खूंखार कुत्तों ने हमला किया है-
नीरज कुमार गौतम, पशु चिकित्सक, पवांसा