मंगलवार को जनरल हाउस में अधिवक्ताओं ने आर पार की लड़ाई का ऐलान किया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बैंक में अधिवक्ताओं के साथ मारपीट करने वाले आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद अधिवक्ता एसएसपी से मिले।
उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराकर आगे की कार्रवाई का आश्वासन देकर अधिवक्ताओं को शांत किया। बाद में दो और आरोपी सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया। एसबीआई की सिविल लाइंस शाखा में शुक्रवार को पुलिस वालों और वकीलों की बीच विवाद हो गया था। इस विवाद में पुलिस वालों ने अधिवक्ता आबिद और नसरुद्दीन को दौड़ा दौड़ा कर पीटा था।
आबिद को चोटें आई थीं। बाद में अधिवक्ताओं ने सिविल लाइंस थाने में हंगामा किया था। इसके बाद दरोगा रामचंद्र और संदीप कुमार व दो सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। लेकिन अधिवक्ताओं ने दरोगा संदीप कुमार को पहचान ने से इंकार कर दिया था। दरोगा रामचंद्र को सस्पेंड कर दिया था।
चौबीस घंटे में आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने पर अधिवक्ता शांत होकर चले गए थे। चार दिन बाद भी दरोगा की गिरफ्तारी नहीं हुई। मंगलवार को दि बार ऐसोसिएशन का जनरल हाउस लगा। जिसमें अधिवक्ताओं ने आर पास की लड़ाई का ऐलान किया।
बार अध्यक्ष चौधरी धर्मवीर सिंह, महा सचिव राकेश वरिष्ठ, अधिवक्ता जुनैद एजाज, प्रभात गोयल, अभिषेक भटनागर, संजीव राघव, विनय कौशिक, प्रदीप सिंहा, मनोज गुप्ता, दुष्यंत चौधरी समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने ऐलान किया कि आरोपी पुलिस वालों की गिरफ्तार होने तक आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके बाद अधिवक्ता एसएसपी से मिले। उन्होंने ने बताया कि अधिवक्ताओं को बैंक से घसीट कर थाने ले जाया गया था।
वहां उन्हें जमीन पर बैठा गया और उनके साथ मारपीट की। एसएसपी ने आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की आश्वासन दिया है। इसके बाद अधिवक्ता चले गए। एसएसपी डीसी दुबे ने बताया कि सिपाही सुभाष कुमार और अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है। सुभाष सिविल लाइंस थाने में तैनात है। जबकि अमित यूपी डायल 100 पर तैनात है।