जसपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (जू.डि.) जसपुर की अदालत ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी के करीब आठ साल पुराने मामले में आरोपी हेमराज और कृपाल उर्फ भूरा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को उचित संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा।
मामला कुंडा थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 19 जनवरी 2018 को मंडी समिति परिसर से बूटा सिंह की ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी हो गई थी। उन्हाेंने सात मार्च 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच के बाद हेमराज और कृपाल उर्फ भूरा के खिलाफ धारा 379 और 411 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियोजन ने मामले को साबित करने के लिए पांच गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस के अनुसार, 10 मार्च 2018 को मुरादाबाद जिले के नगला नुस्सू गांव में कृपाल के घर से चोरी की ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद की गई थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि बरामदगी से संबंधित मूल फर्द को न्यायालय में प्रस्तुत कर साबित नहीं किया गया। साथ ही मामले के विवेचक को भी गवाही के लिए पेश नहीं किया गया। अदालत ने माना कि अभियोजन साक्ष्य से धारा 379 और 411 के आवश्यक तत्व साबित नहीं होते हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट जहांआरा अंसारी ने निर्णय सुनाते हुए दोनों आरोपियों को दोनों धाराओं के आरोपों से संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।