सुरजननगर। ग्राम पंचायत सुरजननगर से बिजनौर जनपद के गांव जयनगर को जाने वाले मार्ग पर गहरे गड्ढे हैं। कॉलेज के बराबर से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नही है। जिससे हर वर्ष बरसात में भारी जलभराव होने पर आवागमन बंद हो जाता है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के न सुनने पर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने खुद ही सड़क को खुद ही गड्ढामुक्त करने का निर्णय लिया। वह अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली और फावड़े लेकर मौके पर पहुंचे। मार्ग पर मिट्टी डालकर रास्ते को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया।
ग्रामीण सुभाष यादव, लियाकत अली, साजिद, नासिर, सोपाल सिंह, प्रमोद कुमार जितेंद्र सिंह राम अवतार सिंह , छोटे सिंह के अनुसार यह समस्या इस वर्ष की नहीं, बल्कि पिछले करीब तीन वर्षों से चली आ रही है। बरसात के मौसम में बारिश होते ही मार्ग पर जलभराव हो जाता है और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान सुरजननगर, ग्राम प्रधान जयनगर, जनप्रतिनिधियों, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों से कई बार शिकायत की। इसके अलावा मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन इसके बावजूद पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
लगातार शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को स्वयं सड़क को दुरुस्त करने का निर्णय लिया। शनिवार को ग्रामीण एकत्रित होकर अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली और फावड़े लेकर मौके पर पहुंचे तथा मार्ग पर मिट्टी डालकर रास्ते को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीण गौतम सिंह, चेतराम सिंह, मेहंदी हसन, सुरेंद्र कुमार, नरेश कुमार, अनुज कुमार, अशोक कुमार, अनिल कुमार, मेघनाथ सिंह, जगराम सिंह आदि का कहना है यदि संबंधित विभाग समय रहते पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कर देता तो उन्हें अपने स्तर पर सड़क दुरुस्त करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मार्ग पर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्राम प्रधान सुरजन नगर वीर सिंह का कहना है यह मार्ग पीडब्ल्यूडी विभाग में आता है इस मार्ग के निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों अवगत करा दिया है। वहीं बिजनौर जनपद के ग्राम जयनगर प्रधान विपिन कुमार का कहना है यह मार्ग जनपद मुरादाबाद की सीमा में आता है। इस मार्ग पर जनपद बिजनौर की ग्राम पंचायत जयनगर से सड़क निर्माण का कार्य नहीं कराया जा सकता। उधर, पीडब्ल्यूडी के जेई रविकुमार का कहना है इस सड़क निर्माण का एस्टीमेट बनाकर जिला मुख्यालय भेज दिया गया है एस्टीमेट पास होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।