ठाकुरद्वारा। गांव तरफ दलपत के जंगल में शुक्रवार शाम के समय तेंदुए का जोड़ा घूमता हुआ दिखाई दिया। तेंदुए के जोड़े को देखकर घास काट रहीं महिलाओं ने वहां से भाग कर जान बचाई।
छह माह पहले इसी गांव में रवि सैनी के मासूम बेटे मोक्ष को तेंदुआ घर के सामने से खेलते समय उठा कर ले गया था। बाद में मां ने अपनी जान पर खेलकर बेटे को तेंदुए के जबड़े से निकाल लिया था। इस घटना के बाद भी तेंदुआ गांव में दिखाई देता रहा। जिसपर वन विभाग ने वहां पिंजरा लगाया था लेकिन तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस पाया।
गांव तरफ दलपत गांव के पूर्व प्रधान मनोहरी सिंह सैनी ने बताया कि गांव के महिपाल सिंह सैनी, बाबू सिंह सैनी पत्नी सहित पांच महिलाएं शुक्रवार शाम 4:00 बजे गांव से आधा किमी दूर जंगल में घास काट रहीं थीं।
तभी उन्हें पास में अरविंद चौहान के खेत में दो तेंदुए खड़े हुए दिखाई दिए। तेंदुओं को देखकर महिलाओं के होश उड़ गए उन्होंने किसी तरह वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। गांव में जाकर तेंदुओं के बारे में ग्रामीणों को सूचना दी।
सूचना पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे तो तेंदुए उन्हें देखकर गन्ने के खेत में चले गए। वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार का कहना है कि इस बारे में ग्रामीणों की ओर से सूचना नहीं आई है। शिकायत मिलने पर उसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को भी जागरूक किया जाएगा।