मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की जांच के लिए गठित टीम में शामिल उपनिदेशक (पंचायत) पंचायतीराज निदेशालय एसएन सिंह ने रविवार यहां पहुंच कर मंडल भर के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। उनका खास जोर पंचायत सचिवालयों के संचालन और सामुदायिक शौचालयों की व्यवस्थाओं की उचित देखभाल पर रहा। ग्राम पंचायतों की धनराशि आदि के डिजिटल इंट्री आदि को लेकर उन्होंने सभी जिलों के डीपीएम (जिला कार्यक्रम मैनेजर) से कई सवाल भी किए, लेकिन कोई भी उनके प्रश्न का संतोष जनक उत्तर नहीं दे सका। इस पर उन्होंने सबकी न सिर्फ क्लास ली बल्कि यह तक कहा कि वह रिक्वेस्ट के लहजे में कह रहे हैं कि वह लोग अपने कार्य को ठीक ढंग से अंजाम दें। इसके लिए पढ़े और ट्रेनिंग करें। लेकिन इस रिक्वेस्ट को वह लोग चेतावनी समझें वरना खैर नहीं रहेगी।
एसएन सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास को लेकर है। ग्राम पंचायतों में आई धनराशि के डिजिटल भुगतान की व्यवस्था की गई है। जिससे पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए सभी जिलों में डीपीएम रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन अफसोस की बात यह है कि डीपीएम को स्वयं अपने कार्यों की पूरी जानकारी नहीं है। जिससे किसी मद की धनराशि किसी अन्य मद में खर्च दिखा दी जा रही है। बाद में दिक्कत आ रही है। प्रधान व सचिवों के डोगल भी कुछ डीपीएम अपने पास रखते हैं। अगर यहां भी डीपीएम ऐसा कर रहे हैं तो वह इस आदत को तत्काल छोड़ दें। इस तरह की शिकायत मिलने पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वेबसाइट के संचालन में किसी तरह की अगर कोई दिक्कत आ रही है तो संबंधित लोग बैठक में मौजूद राज्य समन्वयक पीएफएमएस अमित कुमार वर्मा से उसे समझ लें।
इसके बाद उन्होंने पंचायत भवनों के निर्माण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत सचिवालय के संचालन पर जोर दे रही है। इसे सभी अधिकारी गंभीरता से लें। जहां पंचायत भवन नहीं बने हैं उन्हें जल्द बनवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रामपुर, अमरोहा व मुरादाबाद के कुछ पंचायतघरों की खराब स्थिति को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाने के साथ बैठक में मौजूद एडीओ, पंचायत सचिवों की जमकर फटकार भी लगाई तथा उसे शीघ्र दुरुस्त करने के साथ उसे पंचायत राज विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभल की स्थिति इसमें ठीक पाए जाने पर वहां के डीपीआरओ के कार्य की सराहना की।
बैठक में गांवों के सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए नियुक्त महिला कर्मचारी अपनी ड्यूटी को ठीक ढंग से अंजाम नहीं दे रही हैं। डीपीआरओ और एडीओ इसकी निगरानी कर उनकी वहां मौजूदगी सुनिश्चित करें।
बैठक में मौजूद राज्य समन्वयक पीएफएमएस अमित कुमार वर्मा ने पीएफएमएस से जुड़ी समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी तथा डीपीएम की शंकाओं का समाधान किया। इस मौैके पर राजकीय समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पंचायतीराज निदेशालय संतोष कुमार सिंह, मुरादाबाद मंडल के उपनिदेशक (पंचायत) एसके सिंह, डीपीआरओ मुरादाबाद आलोक प्रियदर्शी के अलावा रामपुर, बिजनौर, अमरोहा व संभल के डीपीआरओ, सभी एडीओ (पंचायत) व डीपीएम मौजूद रहे।
आधा घंटे शहर में भटकते रहे उपनिदेशक
मुरादाबाद। उप निदेशक (पंचायत) पंचायतीराज निदेशालय एसएन सिंह को यहां पंचायत भवन में बुलाई गई समीक्षा बैठक में चार बजे पहुंचना था। लेकिन लखनऊ से यहां आने में उन्हें पहले ही देर हो गई। शहर के भीतर आने के बाद भी वह आधा घंटा तक भटकते रहे। उन्हें शहर की सीमा में प्रवेश द्वार पर कोई अधिकारी लेने भी नहीं पहुंचा। बड़ी मुश्किल से किसी तरह उनकी कार का चालक रास्ता पूछते-पूछते पंचायत भवन पहुंचा तो पांच बज चुके थे। यहां पहुंचने पर इसके लिए डीपीआरओ मुरादाबाद और डीडी से ऐतराज भी जताया। बाद में जब वह बैठक में पहुंचे तो उन्होंने बैठक में विलंब से पहुंचने की शहर में आधा घंटा तक भटकने की वजह भी बताई।