मुरादाबाद में कर्मचारियों की मिलीभगत से लंबे समय से फर्जी बिलों के जरिए ट्रेजरी से सरकारी खजाना लूटा जा रहा था। ट्रेजरी घोटाले की जांच कर रहे एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह ने घोटाले में पांचवीं एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में भी ट्रेजरी से फर्जी बिलों के जरिए डेढ़ करोड़ रुपये निकाले गए थे। घोटाले की रकम पूर्व लेखपाल, उसकी पत्नी और जिले में तैनात एक अन्य लेखपाल के खातों में पहुंची।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह ने बताया कि यह रकम पूर्व लेखपाल अरुण भटनागर और उसकी पत्नी के साथ ही ठाकुरद्वारा में तैनात लेखपाल लईक के बैंक खातों में गई। इसके अलावा पब्लिक के कई लोगों के खातों में भी घोटाले की रकम गई।
इन लोगों को अरुण भटनागर का करीबी बताया जा रहा है। अभी तक ट्रेजरी से फर्जी बिलों के जरिए 10 करोड़ रुपये से भी अधिक की रकम निकाले जाने का खुलासा हो चुका है। इस मामले में अभी तक 27 लोग जेल जा चुके हैं। ट्रेजरी के दो बाबुओं को निलंबित किया जा चुका है।