मुरादाबाद। ठंड के मौसम में भी ट्रांसफार्मर चोरों ने बिजली विभाग के पसीने छुड़ा रखे हैं। मुरादाबाद शहर समेत पूरे मंडल में ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाएं हो रही हैं। चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दो महीने में ये चोर विद्युत विभाग को लगभग 40 लाख रुपये की चपत लगा चुके हैं। न सिर्फ ट्रांसफार्मर बल्कि हाईटेंशन लाइन के तार भी चोरी हो रहे हैं। ये घटनाएं लगातार बढ़ती जा रहीं है इससे बिजली विभाग में खलबली मची है।
नौ नवंबर से 10 जनवरी तक मुरादाबाद शहर में छह और पूरे जोन में आठ ट्रांसफार्मर चोरी हुए हैं। इनमें से सात 250 केवीए के थे जबकि एक ट्रांसफार्मर 400 केवीए का था जो कि नौ नवंबर को संभल रोड पर शाहिदाबाद से चोरी हुआ था। कई मामलों में ट्रांसफार्मर चोरी हो जाने के आठ घंटे बाद तक विद्युत विभाग को पता तक नहीं चला। चोरों ने रात में ट्रांसफार्मर चोरी किए, जब अगले दिन सुबह तक बिजली नहीं आई तो लोगों के फोन बिजलीघर पर जाने शुरू हुए। तब जाकर विभाग की नींद खुली और साइट पर जाकर देखा तो पता चला कि ट्रांसफार्मर चोरी हो गया है। चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि शहरी आबादी क्षेत्र में सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर चुराए गए हैं। इनमें से 250 केवीए के चार ट्रांसफार्मर 16 दिसंबर को बुद्धि विहार से और एक 250 केवीए का ट्रांसफार्मर नया गांव फीडर से चोरी हुआ है। ये सभी मुरादाबाद शहर के विद्युत वितरण खंड प्रथम में आते हैं। अधिशासी अभियंता प्रथम ललित चौहान का कहना है कि ट्रांसफार्मर चोरी का मामला पुलिस के संज्ञान में लाकर कार्रवाई की अपील की जा रही है।
कहीं विभाग में ही तो नहीं छुपे हैं चोर
विद्युत अधिकारियों के मुताबिक ट्रांसफार्मर चोरी बेहद जटिल कार्य है। इसे कोई जानकार शख्स ही अंजाम दे सकता है। हैरत की बात यह है कि अधिकांश ट्रांसफार्मर चलती लाइन से चोरी हुए हैं। इसलिए शट डाउन करने में विभाग के किसी व्यक्ति का हस्तक्षेप होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ठंड के मौसम में ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। चोर कोहरे का लाभ उठाकर घटना को अंजाम देने में कामयाब रहते हैं और किसी को कानोंकान खबर नहीं होती। ट्रांसफार्मर से पीतल की रॉड, कॉपर का तार, एलटी पुशिंग, एचटी पुशिंग और तेल निकालकर बेच देते हैं।
11 हजार की लाइन से 2811 मीटर तार चोरी
मुरादाबाद जोन में सिर्फ ट्रांसफार्मर के पुर्जे ही नहीं बल्कि विद्युत लाइनों के तार भी चोरी हो रहे हैं। 10 दिसंबर को बिजनौर में 11 केवी की हाइटेंशन लाइन का 2811 मीटर तार चोरी हो गया। इससे विभाग को लगभग आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 11 केवी का वायर मार्केट में चार सौ रुपये प्रति मीटर या उससे अधिक मूल्य पर मिल जाता है।
राजधानी दिल्ली समेत कई स्थानों पर बेचे जाते हैं ट्रांसफार्मर
यूपी एसटीएफ की टीम ने 2018 में दिल्ली पुलिस के सहयोग ट्रांसफार्मर चोर गिरोह का पर्दा फाश किया था। उसमें पाया गया था कि चोर ट्रांसफार्मर चुराने के बाद रॉड आदि पर पेंट कर देते हैं और ट्रांसफार्मर के पुर्जों को दिल्ली, गाजियाबाद आदि कई स्थानों पर बेच देते हैं। विद्युत विभाग के वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक मेरठ, बिजनौर, बरेली समेत पश्चिमांचल में ट्रांसफार्मर चोरी घटनाएं बढ़ रही हैं।
विद्युत लाइन या ट्रांसफार्मर पर कोई कर रहा हो काम तो मांग लें आईडी
विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता संजय आनंद जैन का कहना है कि ट्रांसफार्मर चोरी को जरा सी सावधानी से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि घर के आसपास किसी विद्युत लाइन या ट्रांसफार्मर पर काम चल रहा हो तो वहां कार्य कर रहे व्यक्ति से उसकी आईडी जरूर मांगें। यदि विभाग का आदमी न हो तो तुरंत नजदीकी बिजलीघर या पुलिस चौकी में संपर्क करें। इससे ट्रांसफार्मर चोरी रोकने में काफी हद तक सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर से भी ट्रांसफार्मर चोरी के प्रकरणों की जांच कराई जाएगी।
वर्जन
ट्रांसफार्मर चोरी की बढ़ती घटनाओं को लेकर यदि विद्युत विभाग ने तहरीर दी है तो अवश्य ही उसके आधार मुकदमा दर्ज किया जाएगा और चोरों की तलाश करने के लिए पुलिस टीम कार्य करेगी। - अमित आनंद, एसपी सिटी