पुराने इंजन मालगाड़ी और यात्री गाड़ी का बोझ नहीं खींच पा रहे हैं। अधिक लोड की वजह से बीच में ही इंजन फेल हो रहने के कारण गाड़ियां जहां तहां खड़ी हो रही हैं। जिससे दूसरी गाड़ियों की चाल पर भी प्रभाव पड़ रहा है। 25 से 30 साल पुराने इंजनों से मालगाड़ी को खींचा जा रहा है। तीन हजार एचपी क्षमता वाले इंजन से 32 सौ टन भार ही खींचा जा सकता है। लेकिन 35 से 40 सौ टन तक भार पुराने इंजन ढो रहे है। रवाना होने के चंद मिनट या कुछ ही दूरियां पर इंजन जवाब दे रहे हैं। मंडल में हर दूसरे दिन मालगाड़ी और यात्री गाड़ियां के फेल होने की शिकायत सामने आ रही हैं।
गजरौला में फेल हुआ मसूरी का इंजन- दिल्ली से देहरादून के बीच चलने वाली मसूरी एक्सप्रेस तीन जून को गजरौला रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी। इसी दौरान इंजन फेल हो गया। जिस कारण ढाई घंटे तक ट्रेन मौके पर ही खड़ी रही। चालक ने कंट्रोल रूम को इसकी सूचना देने के साथ इंजन स्टार्ट करने का प्रयास किया। लेकिन इंजन स्टार्ट नहीं हुआ। इसके बाद दूसरा इंजन मांगा गया। दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन आगे के लिए रवाना की गई।
मालगाड़ी का इंजन फेल, आठ गाड़ियां लेट- मुरादाबाद रेल मंडल के रसोइया स्टेशन के पास बुधवार को एक मालगाड़ी का इंजन फेल हो गया था। अधिक लोड की वजह से इंजन मालगाड़ी को नहीं खींच पाया और जिस कारण मालगाड़ी खड़ी हो गई। चालक ने इसकी जानकारी कंट्रोल रूम में दी। रोजा से दूसरा इंजन फेला गया। इसके बाद मालगाड़ी को आगे के लिए रवाना किया गया। मालगाड़ी रुकने की वजह से आठ गाड़िुयां खड़ी हो गई थी।
पांच दिन पहले मुरादाबाद से संभल के बीच चलने वाली डीएमयू का इंजन रेलवे स्टेशन से रवाना होते ही खराब हो गया। चालक ने काफी प्रयास किया। लेकिन इंजन दोबारा स्टार्ट नहीं हुआ। इसके बाद दूसरा इंजन लगाकर डीएमयू संभल के लिए रवाना की गई।