अगर आप ट्रेन से कहीं सैर सपाटे या शादी विवाह में जानेेे का प्लान बना रहे हैं तो ट्रेन का टिकट सोच समझाकर बुक कराएं। ऐसा न हो शादी होने के बाद आप समारोह में पहुंचे। या फिर ट्रेन के इंतजार में आपका आधा समय निकल जाए। क्योंकि कोहर के चलते ट्रेनों की रफ्तार थम गई हैं। सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनें की स्पीड साठ किमी प्रति घंटा कर दी गई है। ऐसे में ट्रेनेें लेटलतीफी की शिकार हो रही हैं।
सर्दी बढ़ने के साथ ही कोहरा भी छाने लगा है। अभी दिन में कोहरे कोई असर नहीं दिख रहा है लेकिन रात में शहर के बाहर कोहरा दिखने लगा है। इन्हीं कोहरों के बीच ट्रेनें गुजर रही हैं। चालक दूर से सिग्नल नहीं देख पाते हैं। जो हादसों के कारण भी बनते हैं। ऐसे में कोहरे के बीच यात्रियों के सुरक्षित सफर के लिए रेलवे ने सर्दियों में ट्रेनों की स्पीड कम कर दी है।
कोहरे में ट्रेनों को साठ किमी प्रति घंटे की स्पीड से निकाली जा रही हैं। नतीजतन सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनें लेट होने लगी हैं। लंबी रूट की ट्रेनें पंद्रह से बीस घंटे की देरी से चल रही हैं। ऐसी स्थिति में सफर पर निकलने से पहले ट्रेनों की रर्निंग स्टेट जरूर जान लें। वरना आप अपनी मंजिल पर समय से नहीं पहुंच पाएंगे।
काशी विश्वनाथ और लखनऊ-चंडीगढ़ निरस्त
मुरादाबाद। कोहरे के चलते ट्रेनों के निरस्त होने का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार को काशी विश्वनाथ अप और डाउन दोनों साइड से निरस्त रही। वहीं लखनऊ से चंडीगढ़ जाने वाली लखनऊ-चंडीगढ़ इंटर सिटी एक्सप्रेस भी रद कर दी गई। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
कोहरे में 36 ट्रेनों का संचालन प्रभावित
मुरादाबाद। कोहरे का असर ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ने लगा है। करीब 36 ट्रेनें लेटलतीफी की शिकार हुई। श्रमजीवी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, सप्तक्रांति सुपर फास्ट, बाघ एक्सप्रेस, फैजाबाद एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस छह घंटे से अधिक की देरी से मुरादाबाद पहुंची।