देरी से चल रहीं गाड़ियां यात्रियों को करा रहीं इंतजार
शुक्रवार की रात को आई आंधी और बारिश से बिगड़ा संचालन अभी तक पटरी पर नहीं आ पाया है। रविवार को भी कई गाड़ियां देरी से चलीं। जिसके चलते गर्मी में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। शुक्रवार को आई तेज आंधी और बारिश से मंडल में कई जगह ट्रैक पर पेड़ गिर गए थे। इसके अलावा ओएचई भी ट्रिप हुई। जिसके चलते कई जगह गाड़ियां खड़ी करनी पड़ गई थीं। जिसके चलते गाड़ियाें का संचालन पूरी तरह से गड़बड़ा गया था।
शनिवार को कुल 34 गाड़ियां लेट हुईं। जिसका असर रविवार को भी दिखाई दिया। दिल्ली से चलने वाली गाड़ियों तो टाइम पर आ गई। लेकिन लंबी दूरी की ट्रेेनें प्रभावित रहीं। रविवार को आला हजरत और स्यालदा फिर से देरी पहुंची। इसके अलावा अप की दिशा में अवध आसाम ट्रेन लेट आईं। सुबह में आने वाली नौचंदी एक्सप्रेस, हिमगिरी, अमरनाथ एक्सप्रेस, दून, शहीद सहित एक दर्जन गाड़ियां लेट रहीं। गर्मी में यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
एक महीने से बिगड़ा है संचालन
ट्रेनों का संचालन बिगड़े हुए एक महीना होने जा रहा है। मंडल में मई की पंक्चुअलिटी 75 प्रतिशत पर चल रही है। कुल मिलाकर मंडल से हर रोज गुजरने वाली ट्रेनों में प्रतिदिन 25 गाड़ियां देरीे से गंतव्य तक पहुंच रही हैं। गाड़ियों के लेट होने के कारण ही एजीएम उत्तर रेलवे ने भी मंडलीय अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी।
देरी के कारण नहीं लिए जा रहे ब्लाक
मंडल में डेवलेपमेंट के कई प्रोजेक्ट पूरे किए जाने हैं। लेकिन ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण इन्हें पूरा करने में दिक्कत आ रही है। गाड़ियों को समय से चलाने के लिए अधिकारी ब्लाक नहीं ले पा रहे हैं। ब्लाक लिए जाने के कारण ट्रेनों की पंक्चुअलिटी को बनाए रख पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में काम पूरा करने के बजाय गाड़ियों को समय से चलाने पर जोर दिया जा रहा है।
पैसेंजर ट्रेनों को भुगतान पड़ रहा परिणाम
एक्सप्रेस ट्रेनों के देरी से चलने के कारण सबसे अधिक दिक्कत पैसेंजर ट्रेेनों के संचालन में है। लेट आ रही ट्रेन को निकालने के लिए पैसेंजर गाड़ियों को जगह जगह खड़ा कर दिया जाता है। जिससे आए दिन स्टेशनों पर हंगामे की स्थिति बन रही है।