मुरादाबाद। नगर निगम की दुकानों के किराये में बढ़ोतरी और किराया जमा न करने पर सीलिंग की चेतावनी से व्यापारी भड़क गए। शनिवार को अपर नगर आयुक्त के नेतृत्व में निगम की टीम जैसे ही टाउन हाल पहुंची और किराया जमा न करने पर दुकानों को सील करने की चेतावनी दी वैसे ही व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध में व्यापारियों ने सामूहिक रूप से दुकानें बंद कर बाजार ठप करा दिया और साफ कहा कि जब तक किराया निर्धारण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तब तक विरोध जारी रहेगा।
नगर निगम की शहर में कुल 488 पक्की दुकानें संचालित हैं। इनमें शिकमी और वारिसान दुकानदारों को नगर निगम की ओर से 15 दिन पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में व्यापारियों से किराया जमा करने और प्रीमियम जमा करने के लिए कहा गया था। शनिवार को नगर निगम की टीम ने दुकानदारों को मौखिक रूप से किराया जमा करने के लिए कहा और ऐसा न करने पर उनकी दुकानों को सील करने की बात कही। इसी से व्यापारी भड़क उठे और बाजार बंद करने का एलान कर दिया। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में व्यापारी एकजुट हो गए और अपनी-अपनी दुकानें बंद कर इसका विरोध जताने लगे।
व्यापारियों का तर्क था कि पिछले दो वर्षों से निगम की ओर से किराया नहीं वसूला जा रहा है। बीते 22 दिसंबर को नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें किराया निर्धारण का प्रस्ताव रखा गया था लेकिन अभी तक न तो अंतिम दरें तय हुई हैं और न ही बोर्ड बैठक से इसकी स्वीकृति ली गई है। इसके बावजूद सीलिंग की चेतावनी देकर व्यापारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
व्यापारियों ने यह भी बताया कि महापौर की ओर से दुकानों के किराये का निर्धारण करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया था लेकिन उसकी रिपोर्ट को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। समिति में शामिल पांच सदस्यों में से तीन का मत व्यापारियों के पक्ष में था इसके बावजूद मनमाने तरीके से निर्णय लिया गया है। साथ ही बिना स्पष्ट निर्णय के दुकानों को सील करने की धमकी देना व्यापारियों के साथ सीधे तौर पर अन्याय है।
व्यापार सुरक्षा समिति के अध्यक्ष रतन भाटिया ने कहा कि अगर निगम ने जबरन सीलिंग की कार्रवाई की तो व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन को पहले किराया निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर व्यापारियों से संवाद करना चाहिए न कि डराने-धमकाने की नीति अपनानी चाहिए। व्यापारियों ने विरोध में टाउन हाल के अंबेडकर मार्केट, प्रताप मार्केट, मर्दाना अस्पताल के सामने, केवी खान मार्केट और कटरा नाज की दुकानें बंद रखी। व्यापारियों ने कहा कि निगम प्रशासन ने जबरदस्ती की तो रविवार को इन बाजारों के अलावा हैलेट रोड, मानपुर, पटेल मार्केट, जनाना व मर्दाना अस्पताल, कपूर कंपनी, मधुबनी मार्केट और देहरी गांव में स्थित निगम की सभी दुकानें बंद रखी जाएंगी।
- देर रात तक होता रहा मंथन
व्यापारियों ने दुर्गा माता मंदिर के पास देर रात तक बैठक की। बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई और रविवार को महापौर से होने वाली मुलाकात में अपना पक्ष मजबूती से रखने का निर्णय लिया गया। व्यापारियों ने कहा कि महापौर से मिलने के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
वर्जन
किराये को लेकर व्यापारियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ दुकानदारों ने किराया जमा भी कर दिया है। रविवार को व्यापारियों को कैंप कार्यालय में बुलाया है। उनके सभी भ्रम को दूर किया जाएगा। किराया बढ़ोतरी का फैसला व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर ही लिया गया है। - विनोद अग्रवाल, महापौर