मुरादाबाद। जीएसटी में व्यापारी तीन माह के अंदर अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील फाइल कर सकते हैं। इस दौरान देरी माफी के लिए विवादित कर का 10 प्रतिशत पहले जमा करना होगा।
डिस्ट्रिक्ट इनकम टैक्स बार एसोसिएशन सभा रामगंगा विहार स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित की गई। अधिवक्ता गौरव गुप्ता ने बताया कि जिन व्यापारियों पर निर्णायक प्राधिकारी द्वारा कर, ब्याज, तथा पेनाल्टी लगाई गई है। ऐसे व्यापारी तीन माह के अंतर अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील फाइल कर सकते हैं। अपीलीय अधिकारी द्वारा एक माह की अपील फाइल करने में हुई देरी माफ की जा सकती है।
अधिवक्ता प्रवीण रावत ने बताया कि वर्ष 2020 तक देश में कुल 4 करोड़ डीमैट खाते थे, वर्ष 2025 तक 21.6 करोड़ हो गए हैं। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेश 2015 तक तीन लाख करोड़ था, 2026 में 80 लाख करोड़ हो गया है। अंकित गुप्ता ने शेयर ट्रेडिंग के बारे में जानकारी दी। आशीष सक्सेना ने सलाह दी कि एक सरकारी कर्मचारी फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेड कर सकता है। दिनेश चंद्र गुप्ता अधिवक्ता ने धारा 74 ए के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
विकास गोयल ने बताया, पार्टनरशिप फर्म जो अपने साझेदार को पूंजी पर ब्याज तथा पारिश्रमिक 20 हजार से अधिक दे रही है, ऐसे लोगों को 10 प्रतिशत की दर से टीडीएस सरकार के पास जमा करना है। राजीव कुमार रस्तोगी अधिवक्ता ने बताया कि अब व्यवसायी 31 जुलाई के स्थान पर 31 अगस्त तक आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
अध्यक्षता विकास गोयल, संचालन अतुल सक्सेना ने किया। सभा में उपदेश चंद्र अग्रवाल, वीरेंद्र कुमार रस्तोगी, अजय कुमार अग्रवाल, सौरभ कपूर, दीपक अग्रवाल, निखिल रंजन अग्रवाल, नीरज भटनागर, शावेज मलिक, आलोक सैनी, हरिशंकर पाल आदि मौजूद रहे।