कांठ। छजलैट के मल्हपुर खईया के पास गांगन नदी में बना पुल जर्जर हो चुका है। बृहस्पतिवार शाम ट्रैक्टर-ट्राली से घर लौट रहे किसान की ट्रैक्टर-ट्राली पुल में बने गड्ढे के कारण पलट गई। इससे किसान नदी में जा गिरा। लोगों की मदद से उसे निकाला गया।
मुरादाबाद और अमरोहा को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग में पड़ने वाली गांगन नदी पर बना जर्जर रपटा पुल इस समय बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। अमरोहा के हसनपुर कचिया गांव का सुग्रीव फत्तेहपुर विश्नोई बाजार में सब्जी बेचकर ट्रैक्टर-ट्राली से बृहस्पतिवार शाम अपने गांव लौट रहा था। रपटा पुल पार करते समय गड्ढे में पहिया चले जाने से ट्रैक्टर-ट्राली नदी में पलट गई। ट्रैक्टर चला रहा सुग्रीव भी गहरे पानी में डूबने लगा। यहां मौजूद लोगों ने उसे पानी से बाहर निकाला। पानी ज्यादा होने के कारण शुक्रवार को भी ट्रैक्टर-ट्राली नहीं निकाली जा सकी थी।
पिछले साल गांव मल्हपुर खईया के इसी रपटा पुल पर डूबने से छजलैट के नजराना निवासी स्वास्थ्य कर्मी राधे की मौत हो गई थी। वह अमरोहा के अस्पताल से ड्यूटी कर वापस लौट रहे थे। एसडीआरएफ की टीम ने दो दिन की मशक्कत के बाद शव बरामद किया था।
पिछले कई साल से मल्हपुर खईया, नजराना, फत्तेहपुर विश्नोई, हसनपुर कचिया आदि गांवों के ग्रामीण रपटा पुल के स्थान पर पिलर वाला पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह उर्फ बॉबी, विजेंद्र सिंह, वीर सिंह, राजेश, कलुआ, विजयपाल, देवेंद्र आदि ग्रामीणों का कहना है कि रपटा पुल में गड्ढे बन गए हैं। इसके बाद भी प्रशासन इसे सही नहीं करा रहा है।
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