बिलारी। सहसपुर रेलवे स्टेशन के निकट संभल लाइन के रेलवे फाटक पर डेमू ट्रेन में टक्कर मारने की घटना में नौ साल बाद ग्राम न्यायालय ने फैसला सुनाया है। न्यायाधीश ने आरोपी ट्रैक्टर चालक को तीन माह की सजा सुनाने के अलावा 500 रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
बिलारी के राजा का सहसपुर रेल पथ के निरीक्षक नितेश कुमार द्वारा बीती 19 दिसंबर 2016 को थाना बिलारी में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि सहसपुर स्टेशन से संभल को जाने वाली रेलवे लाइन पर फाटक संख्या ओ सी पर सहसपुर रेलवे स्टेशन से हातिमसराय संभल को डीएमयू ट्रेन संख्या 74304 जा रही थी।
ट्रैक्टर चालक फाटक पर बिना रुके और बिना दोनों ओर देखे फाटक पार करने लगा और धीमी गति से आ रही ट्रेन से ट्रैक्टर टकरा गया। रेल पथ निरीक्षक के अनुसार ट्रैक्टर चालक की लापरवाही से यह घटना हुई। रेल पथ निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन थाना हजरतनगर गढ़ी और वर्तमान थाना सोनकपुर के मढ़वा गांव निवासी एस्कोर्ट ट्रैक्टर चालक हरवीर सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और रेलवे एक्ट की धारा 161 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड से मिली जानकारी के अनुसार दर्ज रिपोर्ट के विवेचक अजीत कुमार ने विवेचना के दौरान रेलवे एक्ट की धारा 161 को लोप कर दिया और भारतीय दंड संहिता की धारा 279 में न्यायालय में आरोप पत्र भेज दिया।
ग्राम न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार बीस दिसंबर 2018 को फाइल जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में भेजी गई।
अदालत में घटना सही साबित करने के लिए रेल पथ निरीक्षक नितेश कुमार, डेमू ट्रेन चालक छिददा और रेलवे फाटक के गार्ड गजराम सिंह के बयान हुए।
आरोपी ट्रैक्टर चालक ने अपने बयानों में स्वयं को झूठा फंसाने की बात कही। लगभग नौ वर्ष तक मुकदमे की सुनवाई चली। बुधवार को ग्राम न्यायालय बिलारी के कुंवर जितेंद्र प्रसाद सिंह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस मुकदमे में फैसला सुना दिया।
न्यायालय सूत्रों के अनुसार ट्रैक्टर चालक हरवीर को तीन माह के साधारण कारावास के अलावा 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।