दस दिन बाद था जन्मदिन
पिता कुलवंत सिंह ने बताया कि कुमार गौरव एक बेटे और एक बेटी से उनका सबसे छोटा बेटा था। 17 दिसंबर को वह सात साल का होने वाला था। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पिता कुलवंत सिंह, मां रूबी का रो-रोकर बुरा हाल है।
केवल एक पैर ही सही सलामत मिला
शव की हालत को देखते हुए ग्रामीणों की सलाह पर परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। गांव में मासूम की मौत से गहरा शोक है। पिता कुलवंत सिंह ने बताया कि रोटावेटर के नीचे आने से शरीर के कई टुकड़े हो गए, केवल एक ही पैर सलामत बचा था।
रोटावेटर को देखकर डर रहे गांव के बच्चे
जिस तरह से कुमार गौरव लोधी की मौत हुई, इस घटना को सुनकर हर कोई स्तब्ध है। दर्दनाक मौत के बाद गांव के बच्चों में दहशत का माहौल देखा गया। गांव में उसके साथ खेलने वाले बच्चे घर से नहीं निकले और ट्रैक्टर और रोटावेटर को देखकर दहशत में आ रहे थे। गौरव शाहबाद के एक निजी विद्यालय में कक्षा एनसी का विद्यार्थी था। विद्यालय में जब बालक की मौत की खबर पहुंची, तो सुनकर अध्यापक भी कांप उठे।
अधिवक्ताओं ने जताया दुख
कुलवंत सिंह तहसील में निजी कर्मचारी है। इनके बेटे की मौत की खबर सुनकर अधिवक्ताओं ने दुख जताया और न्यायिक कार्यों से विरत रहे। दुख जताने वालों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तकरीर उर रहमान खान, मासूम मियां, वसीम खान, रोहित कुमार, दूसरी ओर विहिप के नगरध्यक्ष शोभित गुप्ता आदि शामिल रहे।
सदमे में माता-पिता
रविवार को अवकाश होने के कारण कुलवंत ने खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर तय किया था। उसी ट्रैक्टर पर बालक कुमार गौरव लोधी बैठकर चला गया लेकिन यह किसी को पता नहीं था कि रविवार को घर से निकला बालक अब कभी भी घर नहीं लौटेगा। बेटे की याद में मां काफी सदमे में है।