मुरादाबाद। जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान तीसरे चरण में पहुंच चुका है, लेकिन अभी ग्रामीण इलाके की हिस्सेदारी नहीं बढ़ पा रही है। टीकाकरण में गांववाले शहरियों से पिछड़ गए हैं। जिले में 14 जून तक 3.35 लाख लोगों को पहली और 55590 लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। इसमें 80 फीसदी शहरी और 20 फीसदी ग्रामीण इलाके की हिस्सेदारी है।
कोरोना से बचाव के लिए जिले में 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया था। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों को शामिल किया गया था। दूसरे चरण में 45 पार बीमार, बुजुर्गों और तीसरे चरण में 18 पार वालों को शामिल किया गया है। फिलहाल वर्तमान में 18 पार से 60 पार तक वालों का टीकाकरण किया जा रहा है। 16 जनवरी से 14 जून तक 3.91 लाख डोज लोगों को लगाई जा चुकी हैं। इसमें 3.35 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई है, जबकि 55590 लोगों को पहली और दूसरी दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं। लेकिन इस अभियान में ग्रामीण इलाकों की हिस्सेदारी कम है। 3.91 लाख में अस्सी फीसदी शहरी लोग शामिल है। ग्रामीण इलाके की हिस्सेदारी सिर्फ बीस फीसदी है। जो चिंताजनक है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसकी वजह लोगों में फैली भ्रांति मान रहे हैं। वहीं दूसरी ओर टीकाकरण के प्रचार-प्रसार में कमी भी देखने को मिल रही है।
- कोरोना टीकाकरण को लेकर अभी लोगों में भ्रांतियां फैली हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में अधिक है। ग्रामीण इलाकों में लोगों में जागरूकता की कमी है। यही वजह है कि टीकाकरण अभियान में ग्रामीण इलाकों की हिस्सेदारी कम है। विभागीय स्तर पर प्लान तैयार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जा सके।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
गांववालों के पिछड़ने के ये है मुख्य कारण
- लोगों में व्याप्त भ्रांतियां
- लोगों में जागरूकता की कमी
- शिक्षा का अभाव
- रजिस्ट्रेशन के लिए एंड्रॉयड मोबाइल का न होना
- स्वयंसेवी संस्थाओं का रुचि न लेना
- टीकाकरण अभियान में प्रचार प्रसार की कमी
- टीकाकरण के सत्रों का कम होना
- ग्रामीण इलाकों के लिए विभाग के पास खास योजना न होना
शहर की घनी आबादी में भी टीकाकरण कम
मुरादाबाद। शहर के कुछ इलाकों में भी टीकाकरण जरूरत से कम हो रहे हैं। ये इलाके शहर की घनी आबादी वाले हैं। यहां के लोगों में टीकाकरण के प्रति रुचि कम ही देखने को मिल रही है। इन इलाकों में प्रचार प्रसार और जागरूक करने की जरूरत है।