मुरादाबाद। शहर की सीवर व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद हालात जस की तस हैं। कांठ रोड पर स्थित कॉलोनियों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम वर्ष 2022 से शुरु हुआ था लेकिन यह प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो सका है। पहले एसटीपी के निर्माण में देरी हुई और अब सीवर कनेक्शन देने में भी ढिलाई बरती जा रही है। नतीजतन तीन साल बाद भी न तो एसटीपी का संचालन शुरू हो सका है और न ही सीवर के कनेक्शन घरों से जोड़े गए हैं। जल निगम ने धीमी प्रगति को लेकर कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी है।चक्कर की मिलक में जल निगम की ओर से करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से 25 एमएलडी क्षमता का शोधन संयंत्र (एसटीपी) बनाया गया है। एसटीपी का अभी ट्रायल चल रहा है जिसमें कांठ रोड के पांच बड़े नालों का पानी शोधित किया जा रहा है। करीब दो महीने से इस एसटीपी का ट्रायल हो रहा है और इसी एसटीपी से कांठ रोड की कॉलोनियों के सीवर कनेक्शन भी जोड़े जाने हैं। लेकिन अब तक इन इलाकों के सीवर कनेक्शन ही नहीं हो सके हैं। जल निगम की ओर से कुल 15 हजार घरों को सीवर कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन दो महीने में तकरीबन 220 घरों में ही कनेक्शन दिया जा सका है।
कार्य की सुस्ती पर जल निगम (शहर) के अधीक्षण अभियंता मोहित राय ने एजेंसी को कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने एजेंसी को बार-बार प्रगति रिपोर्ट देने और गति बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। नोटिस में कहा गया है कि अगर कार्य में सुधार नहीं हुआ तो ठोस कार्रवाई की जाएगी। अधीक्षण अभियंता के मुताबिक सीवर की लाइन बिछाई जा चुकी है केवल कनेक्शन जोड़ने का काम बचा हुआ है कार्य में तेजी लाकर इसे पूरा कराया जाएगा।
- इन इलाकों को मिलेगा लाभ
सीवर लाइन की सुविधा कांठ रोड की कॉलोनियों को मिलेंगी। इनमें रामगंगा विहार, आशियाना, दीनदयालनगर, हिमगिरी, झांझनपुर, आदर्श कॉलोनी, हरथला, मोरा मिलक, प्रेमगर, भटावली, विद्यानगर और काजीपुरा जैसे इलाके शामिल हैं। इन इलाकों में करीब 15 हजार सीवर कनेक्शन दिए जाएंगे।
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- एसटीपी से जोड़े गए हैं ये नाले
विवेकानंद अस्पताल के दाईं और बाईं ओर के नाले
सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट का नाला
टीडीआई सिटी का नाला
एमआईटी का नाला