मुरादाबाद। करीब 29 साल पुराने अवैध शस्त्र बनाने के मामले में मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए तीन साल का कठोर कारावास और पांच हजार का अर्थदंड लगाया है।
कुंदरकी थाने की पुलिस ने 25 फरवरी 1993 को क्षेत्र के ईंधनपुर गांव में दबिश देकर मुनेश को अवैध शस्त्र बनाने के मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी से तमंचे व तमंचे बनाने के उपकरण बरामद किए थे। इस मामले में कुंदरकी थाने में उपनिरीक्षक डीपी मिश्रा ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की सुनवाई अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय अनूप कुमार पांडे की अदालत में की गई। राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सहायक अभियोजन अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि आरोपी ने अपने बचाव में कहा कि उसे झूठा फंसाया गया था। वहीं सरकार की ओर से दलील देते हुए विजय कुमार ने अदालत को बताया कि आरोपी के पास से दो बने हुए तमंचे, अन्य उपकरण बरामद किए गए थे। आरोपी अपने घर में ही तमंचे बनाने की अवैध फैक्टरी चला रहा था। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर मुलजिम मुनेश को दोषी करार देते हुए उसे तीन साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।