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सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लेकर अब्दुल्ला-आकाश की एक जैसी वाणी

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रामपुर। सपा नेता आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और भाजपा नेता आकाश सक्सेना भले ही सियासत के मैदान से लेकर मुकदमेबाजी तक एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं लेकिन इन दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की प्रतिक्रिया में दोनों सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद बोल रहे हैं।
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आकाश सक्सेना द्वारा सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद बोलने के पीछे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में सुप्रीम कोर्ट का सोमवार का आदेश है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने अबदुल्ला को राहत देने से इन्कार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता है। इस मामले (जन्म प्रमाणपत्र मामले) में हाईकोर्ट अब्दुल्ला आजम के खिलाफ आरोपपत्र रद्द करने से पहले ही इन्कार कर चुका है।
सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश पर आकाश सक्सेना ने अपनी प्रतिक्रिया सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद बोलकर दी। अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के आरोप का मुकदमा आकाश सक्सेना ने ही दर्ज कराया था हालांकि सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के आदेश को आजम खां ने अपने पक्ष में बताया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्टे देने से भले ही इन्कार कर दिया है लेकिन, हमारी हाईकोर्ट के फैसले को लेकर जो अपील थी उस पर हमें राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट का वो फैसला लोअर कोर्ट पर बाध्यकारी नहीं होगा। लोअर कोर्ट स्वतंत्र रूप से अपना केस सुनेगी। हमारी ये मांग थी कि लोअर कोर्ट में सुनवाई के दौरान किसी तरह का दबाब न हो। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हमें राहत देते हुए निर्देश दिए हैं कि लोअर कोर्ट स्वतंत्र रूप से इस केस को सुने, इस केस में हाईकोर्ट के फैसले की कोई बाध्यता नहीं होगी। ये हमारे लिए बड़ी राहत है।
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इससे पूर्व जौहर विश्वविद्यालय में सील किए गए भवन से सील हटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद कहा था। अब्दुल्ला ने अपनी यह प्रतिक्रिया ट्वीटर हैंडल पर दी थी। उस समय आजम खां ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट इतिहास रच रहा है।
इससे पहले जून में जब आजम खां को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की कार्रवाई पर टिप्पणी की थी उस वक्त भी अब्दुल्ला आजम ने अपने ट्वीटर हैंडल पर सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद लिखा था।
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