मुरादाबाद। हाईवे से सटे धीमरी गांव की जमीन पर बुलडोजर की कार्रवाई के बाद विवाद उठने पर शुक्रवार को डीएम ने मेयर के साथ मौका मुआयना किया। दिन भर जमीन की त्रिस्तरीय पैमाइश की गई लेकिन मेयर की जमीन की सीमा निर्धारित नहीं हो सकी। इस मामले में शनिवार को भी पैमाइश की जाएगी।
धीमरी में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय के लिए जिला प्रशासन ने पांंच एकड़ जमीन आवंटित की है। इसमें गाटा संख्या 1086, 1087 और 1088 शामिल हैं। कुछ दिन पहले विद्यालय का निर्माण करने के लिए आई एजेंसी यूपीसीएल के प्रबंधक ने जिला प्रशासन को बताया कि विद्यालय की जमीन पर कब्जा है। इसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया।
बृहस्पतिवार को एसडीएस सदर के नेतृत्व में पहुंची राजस्व की टीमों ने पैमाइश करने के बाद रोड के दोनों तरफ की बाउंड्री को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। पता चलने पर मेयर विनोद अग्रवाल ने जिला प्रशासन के समक्ष एतराज जताया कि प्रशासन ने उनकी भी बाउंड्री और एक कमरे को ध्वस्त कर दिया है। साथ ही एक निर्यातक सहित तीन लोगों की जमीन प्रभावित हुई है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना था कि मेयर की जमीन रोड की तरफ नहीं है। विवाद खड़ा होने पर मेयर ने एक उच्चाधिकारी से शिकायत की।
इसके बाद डीएम अनुज सिंह ने शुक्रवार की सुबह मेयर विनोद अग्रवाल के साथ मौके का मुआयना किया। डीएम ने इस मामले में राजस्व, चकबंदी और नगर निगम की टीमों को त्रिस्तरीय पैमाइश करने के निर्देश दिए। बताया कि इसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा कि कंपोजिट विद्यालय की जमीन की सीमा कहां तक है। वहीं, मेयर की जमीन की स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
बृहस्पतिवार को पूरे दिन एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा, एसडीएम बिलारी विनय कुमार सिंह, प्रशिक्षु आईएएस आदित्य श्रीवास्तव के नेतृत्व पैमाइश जारी रही। स्कूल के जमीन की सीमा निर्धारित हो गई लेकिन मेयर के जमीन की सीमा निर्धारित नहीं हो सकी। शनिवार को भी पैमाइश की जाएगी। पैमाइश पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार कर डीएम को उपलब्ध कराई जाएगी।
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जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पैमाइश कर उनको जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस मामले में उन्होंने सिर्फ एक अधिकारी से शिकायत की थी।
- विनोद अग्रवाल मेयर मुरादाबाद
जमीन की पैमाइश कराई जा रही है। शीघ्र ही जमीन की सीमा निर्धारित हो जाएगी। इसमें विवाद का कोई विषय नहीं है।
-अनुज सिंह डीएम मुरादाबाद