मुरादाबाद। राज्य कर विभाग में करीब तीन हजार नोटिस लंबित हैं। प्रमुख सचिव ने दस फरवरी तक नोटिसों को निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं अधिवक्ताओं ने सुनवाई के लिए समय की मांग की है। राज्य कर विभाग में व्यापारियों को जारी किए गए 3628 नोटिस लंबित थे। इनमें सुनवाई के बाद राज्य कर अधिकारियों ने 514 नोटिस का निस्तारण किया।
अभी मुरादाबाद सेक्टर ए में 1213, सेक्टर बी में 1267, बिजनौर जिले के 464 सहित कुल 2974 नोटिस लंबित हैं। प्रमुख सचिव ने इस मामले में अपर आयुक्त ग्रेड -1 को पत्र भेजकर दस फरवरी तक सभी नोटिस को निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हिदायत दी गई कि दस फरवरी के बाद कोई नोटिस लंबित होने पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इस मामले की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता भी परेशान हो गए। जीएसटी एवं आयकर के अधिवक्ता गौरव गुप्ता का कहना है कि व्यापारियों का पक्ष सुनने के लिए राज्य कर विभाग को समय देना चाहिए। बगैर सुनवाई किए आनन फानन में धारा 73 के मामलों का निस्तारण व्यापारी हितों के खिलाफ होगा। एकपक्षीय निर्णय किसी भी दशा में उचित नहीं है। राज्य कर के प्रमुख सचिव से इस मामले में एक माह का समय बढ़ाने के लिए मांग की जाएगी। व्यापारी भी इस मामले में एकजुट होंगे।