मुरादाबाद। संभल बवाल के आरोपियों से सपा नेताओं की मुलाकात के मामले में जेल अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद जिला जेल की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। अब मुलाकातियों की थ्री लेयर चेकिंग के बाद बंदी और कैदियों से मुलाकात कराई जा रही है। जेल नियम के मुताबिक ही जनप्रतिनिधि भी मुलाकात करने जा रहे हैं। उनके साथ आने वाले लोगों को गेट पर ही रोका जा रहा है।
24 नवंबर 2024 को संभल में जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इस मामले के आरोपी मुरादाबाद जिला जेल में बंद हैं। दो दिसंबर 2024 को मुरादाबाद के पूर्व सांसद डाॅ. एसटी हसन की अगुवाई में सपाइयों ने जिला जेल में संभल बवाल के आरोपियों से मुलाकात की थी। जेल से निकलने के बाद सपाइयों ने संभल पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ बयान दिया था।
इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। डीजी जेल के आदेश पर डीआईजी जेल ने जिला जेल पहुंचकर जांच की थी। जांच में पाया गया कि सपाइयों की मुलाकात अवैध रूप से कराई गई थी। डीआईजी जेल की जांच रिपोर्ट के आधार पर दो डिप्टी जेलर और जेल अधीक्षक पीपी सिंह पर कार्रवाई हुई थी। इसके बाद शासन ने मुरादाबाद जेल अधीक्षक के पद पर आलोक सिंह को तैनात किया।
इस घटना के बाद से ही जेल में सख्ती शुरू कर दी गई। अब जेल के गेट से लेकर बंदी और मुलाकातियों के पास पहुंचने तक मुलाकातियों की तीन जगह चेकिंग की जा रही है। तलाशी लेने के साथ ही आधार कार्ड और पर्ची से इसकी तस्दीक की जाती है। तीनों जगह चेकिंग में सब कुछ सही पाए जाने पर ही मुलाकात कराई जाती है।