बिलारी/कुंदरकी। कुंदरकी विकास खंड के तीन ग्रामों के जंगल में बिना अनुमति संचालित तीन ईंट भटठों को सोमवार दोपहर तहसील प्रशासन ने बंद करा दिया। एक दिन पहले पीपली गांव में बंद कराए गए ईंट भट्ठे की राजस्व टीम भेजकर जांच कराई गई।
ईंट भट्ठा एसोसिएशन की ओर से समय समय पर जिला और तहसील स्तर के प्रशासन और खनन विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग की जाती रही है कि बिना अनुमति संचालित ईंट भट्ठों को बंद कराया जाए। भट्ठा एसोसिएशन के अनुसार किसी भट्ठा संचालक द्वारा खनन विभाग में रॉयल्टी जमा किए बिना और किसी के द्वारा प्रदूषण विभाग से एनओसी लिए बिना नियमविरूद्ध तरीके से भट्ठों का संचालन किया जा रहा है।
ऐसे ही बिना अनुमति वाले ईंट भट्ठों को चिन्हित करने के लिए एसडीएम विनय कुमार सिंह ने सोमवार सुबह अपने कार्यालय में राजस्व, खनन और प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। चिह्नित ईंट भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सोमवार दोपहर बाद टीमें मौके पर भेज दी गईं।
तहसीलदार बिलारी अंकित गिरी, नायब तहसीलदार कुंदरकी अभिनय सिंह, खनन अधिकारी राघवेंद्र सिंह और क्षेत्रीय अग्निशमन अधिकारी आदि की संयुक्त् टीम मझोली, गदीपुर और फरीदपुर सिंघाड़ा के उन तीनों ईंट भटठों पर पहुंची जो बिना अनुमति के नियमविरूद्ध तरीके से संचालित हो रहे थे।
तहसीलदार ने बताया कि तीनों ईंट भटठा संचालकों द्वारा न तो खनन विभाग में रॉयल्टी जमा की गई थी और न ही प्रदूषण विभाग से एनओसी ली गई थी। मौके पर जांच के दौरान भटठा संचालक जरूरी अभिलेख नहीं दिखा पाए। जिस भटठे में ईंटों की फुंकाई की जा रही थी वहां अग्निशमन कर्मियों ने पानी की बौछार कर फुंकाई बंद करा दी।
दूसरे ईंट भटठों पर फुंकाई के लिए रखी कच्ची ईंटों को जेसीबी से क्षतिग्रस्त कराते हुए तीनों भटठों का संचालन बंद करा दिया। तहसीलदार ने बिलारी के पीपली गांव में रविवार शाम बिना अनुमति संचालित जिस ईंट भट्ठे को बंद कराया था उसके बारे में सोमवार सुबह एसडीएम को यह सूचना मिली की प्रशासन की सील तोड़कर भट्ठे का संचालन शुरू किया जा रहा है।
एसडीएम के निर्देश पर राजस्व टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच की। तहसीलदार ने बताया कि मौके पर राजस्व टीम की जांच में भट्ठे का संचालन बंद मिला है।