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Moradabad News: स्कूलों में अब नहीं रहेगा अंधेरा, रात में लाइट जलाना अनिवार्य

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कुंदरकी। सोमवार को कुंदरकी में ब्लॉक संसाधन केंद्र पर परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की मासिक बैठक हुई जिसमें शासन के दिशा निर्देशों से अवगत कराया।
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खंड शिक्षा अधिकारी त्रिलोकी नाथ गंगवार ने कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि अब स्कूलों में रात के समय एक लाइट जलाना अनिवार्य हैं ताकि अंधेरा नहीं रहे जिसके लिए स्कूलों में स्विच बोर्ड और अन्य प्रकाश व्यवस्थाएं ठीक करा ली जाए। इसके अलावा सभी परिषदीय स्कूलों में बच्चे ड्रेस में आने चाहिए, अगर कोई बच्चा ड्रेस में नहीं आता है तो उसका बस्ता रोककर घर भेज दें और कहे कि कल ड्रेस पहन कर ही आना है। साथ ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मिड डे मील पंक्तिबद्ध तरीके से खिलाया जाए, स्कूलों की छतों की सफाई और कक्षाओं में जाले हटवाएं, तीन दिन के ज्यादा गैर हाजिर रहने वाले बच्चों का रजिस्टर बनाने, शिक्षक डायरी भरने, कक्षा एक और दो के बच्चों का निपुण आंकलन परीक्षण कराने, व्हाइट बोर्ड सही कराने, ईको क्लब का नोटिफिकेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। बीईओ ने स्पष्ट कहा कि विभागीय कार्यों में लापरवाही न बरतें वरना नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


बच्चों को खुले में और टाट पट्टी पर बैठाने पर होगी कार्रवाई

कुंदरकी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को खुले मैदान में या टाट पट्टी पर बैठाकर पढ़ाया तो सम्बंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगीं। बीईओ ने कहा कि अब किसी स्कूल में फर्नीचर की कमी नहीं है, अगर कहीं पर फर्नीचर की कमी तो बताए ताकि जिस स्कूल में फर्नीचर ज्यादा है तो वहां से मंगवा कर फर्नीचर की व्यवस्था पूर्ण की जाएगी। साथ ही फर्नीचर को स्कूल के खुले भाग में नहीं रखा जाए जिसके जिम्मेदार स्वयं विद्यालय के प्रधानाध्यापक होंगे।
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शीतकालीन अवकाश के बाद खुले स्कूल, लौटी रौनक

कुंदरकी। शीतकालीन अवकाश और कड़ाके की ठंड की वजह से कक्षा एक से लेकर आठ तक सभी स्कूल बंद थे। सोमवार को सुबह से ही मौसम भी साफ था और धूप खिली तो लोगों को राहत मिल गईं। लगभग एक माह बाद जैसे ही सभी स्कूल खुले तो स्कूलों में रौनक लौट आई है हालांकि परिषदीय स्कूलों में पंजीकरण के सापेक्ष छात्र संख्या कम ही नजर आई लेकिन बच्चों में उत्साह था।
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फोटो संख्या एक और दो भेजे गए हैं,
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