मुरादाबाद। महिला रेलकर्मी को उनके पति के एक्सीडेंट की झूठी सूचना देकर जेवर ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली निवासी ठग दिल्ली और उत्तराखंड में भी इसी तरह महिलाओं को झांसे में लेकर ठगी कर चुके हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस गिरोह के चाैथे आरोपी की तलाश में जुट गई है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने पुलिस लाइन में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नयागांव गौतम नगर निवासी ममता रानी डीआरएम ऑफिस में कार्यरत हैं। 28 अप्रैल की शाम 5:30 बजे वह ड्यूटी के बाद घर लौट रही थीं। कांठ रोड पर पीएसी तिराहे के पास उन्हें तीन व्यक्ति मिले और कहा कि गलशहीद क्षेत्र में तुम्हारे पति का एक्सीडेंट हो गया है। पति के घायल होने की खबर सुनकर ममता घबरा गईं तो ठगों ने मदद करने का झांसा देकर उन्हें ऑटो में बैठा लिया और रोडवेज बस अड्डे ले गए।
एसपी ने बताया कि ठगों ने ममता से कहा कि आगे सुनसान रास्ता है, इसलिए जेवर उतार लो। ठगों ने मंगलसूत्र और कानों के टॉप्स उतरवा कर बैग में रखवा दिए। इसके बाद ठग बैग लेकर मौके से भाग गए थे। महिला की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज जांच पड़ताल शुरू की।
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे आरोपियों की पहचान हो गई। पता चला कि घटना को दिल्ली के गिरोह ने अंजाम दिया है। शनिवार को पुलिस ने नई दिल्ली के कंझावाला थाना क्षेत्र के सावदा जेजे कॉलोनी निवासी सुभाष, रोहित और नई दिल्ली के रनौला थाना क्षेत्र के शिव विहार उत्तम नगर निवासी मुकेश को गिरफ्तार किया कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 35,600 रुपये, कुंडल, मोबाइल और एक कार बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने ममता रानी से जेवर ठगने की बात स्वीकार की। बताया कि ठगी के बाद वह उत्तराखंड भाग गए थे। आरोपियों ने दिल्ली में चार और उत्तराखंड में दो महिलाओं के साथ ठगी करने की बात भी स्वीकारी। साथ ही अपने चाैथे साथी धर्मा उर्फ बूच्चा के बारे में जानकारी दी। पुलिस गिरोह के चाैथे आरोपी की तलाश में जुट गई है।
शनिवार शाम तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। एसएसपी सतपाल अंतिल ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्तिपत्र देने की घोषणा की।