मुरादाबाद। पीतलनगरी के शिल्पकार भी अब स्मार्ट होने जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी की ओर से तैयार किए गए ब्रास फर्नेस फैसिलिटी सेंटर का अगले माह उद्घाटन होगा। इस सेंटर में पीएनजी की भट्ठियों पर पीतल गलाने की सुविधा होगी, जिससे शहर में चल रहीं कोयले की हजारों भट्ठियां बंद हो जाएंगी और लोगों को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी। साथ ही शिल्पकारों और उनके परिजनों को कोयले के धुएं से छुटकारा मिलेगा।
लाकड़ी रोड पर 24.10 करोड़ रुपये की लागत से यह सेंटर तैयार किया गया है। सेंटर में स्थापित की गईं पीएनजी की भट्ठियों पर प्रतिदिन 24 हजार किलो धातु को गलाया जा सकता है। यह सेंटर उन शिल्पकारों के लिए मुफीद होगा, जो खासतौर पर पीतल के उत्पाद तैयार करते हैं। शिल्पकारों को रियायत दर पर धातुओं को गलाने की सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही यहां प्रोडक्ट की फिनिशिंग और उसकी मॉर्केटिंग की भी सुविधा मिलेगी।
सेंटर पर धातु गलाने की सुविधा मिलने के बाद शहर के पांच हजार से अधिक शिल्पकारों को बड़ी राहत मिलेगी। यह शिल्पकार अभी तक अपने घर या कारखाने में कोयले की भट्ठी पर धातु को गलाकर उत्पाद तैयार करते हैं। इन भट्ठियों से निकलने वाला धुआं शिल्पकारों और उनके परिजनों के साथ ही शहरवासियों के लिए भी बेहद खतरनाक होता है। जिन मोहल्ले में कारखाना होता है, वहां आमतौर पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें बनी रहती हैं। ब्रास फैसिलिटी सेंटर में धातु को गलाने का काम पीएनजी गैस से होगा, जिससे शिल्पकारों को बीमारियों का खतरा नहीं होगा और शहर को भी प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
कर्म खर्च में शिल्पकारों को मिलेगी सुविधा
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के मुताबिक सेंटर में काफी कम खर्च पर शिल्पकारों को सुविधा मिल सकेगी। सेंटर पर कम समय और कम खर्च में धातु को गलाने व उसे आकार देने का काम पूरा किया जा सकेगा। कोयले की भट्ठी में तापमान के बारे में कोई भी अनुमान नहीं होता है, जबकि पीएनजी भट्ठी में जो धातु जिस तापमान पर गलती है, उसी तापमान पर उसे गलाने का काम किया जा सकेगा।
सेंटर पर यह सुविधा भी होगी उपलब्ध
शिल्पकारों को ब्रास सेंटर के काउंटर या फिर फोन पर बुकिंग की सुविधा मिलेगी। तय समय पर पहुंचकर शिल्पकार भट्ठी में धातुओं को गलाने का काम पूरा कर सकेंगे। यहां छोटी और बड़ी मशीनें स्थापित की गई हैं। छोटी मशीन में 15 किलोग्राम और बड़ी मशीन में 300 किलोग्राम तक धातु को एक बार में गलाया जा सकेगा। साथ ही मशीन की मदद से ही धातु को आकार देने और उसकी फिनिशिंग करने की भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सेंटर पर ही मॉर्केटिंग की भी सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। पीएनजी भट्ठी का शिल्पकारों को काफी लाभ मिलेगा और शहर में प्रदूषण कम होगा। फैसिलिटी सेंटर का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही शिल्पकारों को सुविधा मिलने लगेगी। - दिव्यांशु पटेल, सीईओ, स्मार्ट सिटी