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Moradabad News: ये है सफाई की हकीकत... गलियों में पानी, गंदगी से अटे नाले

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मुरादाबाद। नगर निगम की ओर से नालों की तलीझाड़ सफाई के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन शहर के कई इलाकों में नालों की हालत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। रविवार को राम तलैया, केजीके कॉलेज के पास, बुद्धि विहार सेक्टर-10 और पारकर रोड क्षेत्र के नालों में गाद, कूड़ा और झाड़ियां जमा मिलीं। कई जगह पानी का बहाव बेहद धीमा था। इन इलाकों में नाले बरसात में दबाव झेलने की स्थिति में नहीं है। यह शहर के वह इलाके हैं जहां बरसात के बाद भीषण जलभराव होता है। लोगों की शिकायत है कि गंदा पानी उनके घरों में चला जाता है।
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राम तलैया
नाले में कूड़ा-करकट, प्लास्टिक और गाद
राम तलैया क्षेत्र में नाले की तली पर जमा गाद कई जगह छोटे-छोटे टीलों का रूप ले चुकी है। पानी बीच में बनी संकरी धार से गुजरता दिखाई दिया। नाले के दोनों किनारों पर कूड़ा और प्लास्टिक जमा था। आसपास के लोगों ने बताया कि सफाई के नाम पर ऊपर से कचरा हटाया जाता है, लेकिन वर्षों से जमी गाद नहीं निकाली गई। बारिश के दौरान यही नाला उफनकर आसपास की गलियों में पानी भर देता है।



केजीके कॉलेज के पास
पानी ठहरने से उठती है दुर्गंध, गुजरना भी मुश्किल
केजीके कॉलेज के पास नाले का बड़ा हिस्सा झाड़ियों और जलकुंभी से ढका मिला। कई स्थानों पर नाले का बहाव दिखाई ही नहीं दे रहा था। गंदा पानी रुकने से दुर्गंध भी उठ रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में पानी की निकासी प्रभावित होने से सड़क पर जलभराव हो जाता है। सफाई के दावे यहां धरातल पर नजर नहीं आए। दुर्गंध से लोगों का निकलना दुश्वार हो जाता है।
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बुद्धि विहार सेक्टर-10
वर्षों से नहीं हुई सफाई, संकार हो गया नाला
बुद्धि विहार सेक्टर-10 में मुख्य नाले की तली मोटी गाद से भरी मिली। कई जगह नाले की वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल था। बहाव के रास्ते में प्लास्टिक और घरेलू कचरा फंसा हुआ था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द तलीझाड़ सफाई नहीं हुई तो मानसून में पानी सड़कों तक पहुंच सकता है। मौजूदा हालत में नाला अपनी पूरी क्षमता से काम करता नहीं दिख रहा।



पारकर रोड
पहली बारिश के बाद भरा था पानी, फिर होगी वही स्थिति

पारकर रोड पर नाले के किनारों पर जमी मिट्टी और कूड़े की परतें हाल की बारिश के बाद के हालात बयां कर रही थीं। कई स्थानों पर नाले का पानी ठहरा हुआ मिला। बहाव कमजोर होने से गंदगी जमा होती जा रही है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर नालों की हालत नहीं बदलती। इस बार भी नाले मानसून की चुनौती के लिए तैयार नजर नहीं आए।
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वर्जन
शहर में नाला सफाई का कार्य चल रहा है। टीम सभी नालों की सफाई करेगी। अभी कई स्थानों पर काम होना बाकी है।
- अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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