मुरादाबाद। नगर निगम के वार्ड 18 में आशियाना फेज-1 में भी नालियों की स्थिति दयनीय हैं, यहां की टीचर कॉलोनी में खाली प्लॉटों में जंगल उगा है, जिसमें जहरीले कीड़े निकलकर घरों तक पहुंच जाते हैं। नालियों की सफाई नहीं होने के कारण यहां हर रोज सुबह के समय सड़कों पर जलभराव हो जाता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।
कांठ रोड स्थित आशियाना फेज-01 कॉलोनी को वर्षो पहले एमडीए ने बसाया था लेकिन कई सालों से यहां की देखरेख नगर निगम के हवाले है। कांठ रोड से जब आशियाना के पहले भाग की ओर बढ़ेंगे, तभी से सड़कों की दयनीय स्थिति सामने आने लगती है। कई सड़कों की कुछ समय पहले ही मरम्मत की गई थी लेकिन उनका बजरी उखड़कर अब फिसलन का कारण बन रही है। यहां स्थित टीचर कॉलोनी के लोगों के सामने तो और भी दिक्कते हैं। यहां वर्षो से एनके गुप्ता का एक प्लॉट खाली पड़ा है, जिससे बड़े बड़े पेड़ उग आए हैं। कभी सफाई नहीं होने के कारण उसमें सांप बिच्छू आदि जहरीले जीव पैदा हो गए हैं, जो लोगों के घरों तक पहुंच जाते हैं। यहां अभी एमडीए के भी स्टाफ क्वार्टर्स हैं लेकिन सफाई कई साल से नहीं हुई है, सभी नालियों में लंबी लंबी घास उग आई है, जिसके कारण वह बंद हो गई हैं। सुबह को जब घरों से अधिक पानी आता है घरों के सामने वाली सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। यहां लगा वाटर कूलर कई सालों से खराब हैं।
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- घर के सामने पड़ा खाली प्लॉट तो पिछले करीब 15 सालों से खाली ही पड़ा है, सफाई कभी हुई नहीं, इसलिए बड़े बड़े पेड़ उग आए हैं, जिससे हमेशा भय बना रहता है।
अरुण कुमार सिंघल
- यहां की कई सड़कों की मरम्मत की गई थी लेकिन पता नहीं क्यों तारकोल इतना कम डाला गया कि कुछ दिन बाद ही बजरी उखड़कर फिसलन का कारण बनने लगी।
-केसी अग्रवाल
- जब कॉलोनी बनी थी, तभी एमडीए ने यहां सीवर बनवाया था लेकिन यह सीवर कभी शुरू नहीं हो सका, जिससे यहां हमेशा से ही जल निकासी की समस्या है।
देवेंद्र कुमार
- नालियों की सफाई तो कभी होती ही नहीं है, यही कारण है कि सभी नालियां अब लगभग बंद हो चुकी हैं, पानी के निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है।
रोहित विश्नोई
- सफाई कर्मचारी भी यहां नियमित नहीं आते हैं, सुना है कि कुछ कर्मचारी आते हैं लेकिन मेनरोड पर सफाई करके लौट जाते हैं, जिससे कॉलोनी के अंदर गंदगी है।
सावित्री
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- कई बार नगर निगम के पार्षद से भी यहां की नालियों की मरम्मत के बारे में बताया गया है लेकिन नगर निगम सुनने को तैयार ही नहीं है।
वर्षा विश्नोई
- काफी दिनों से घर में गंदा पानी आ रहा था, कई बार शिकायत की गई तो अब चार दिन पहले ही निगम की टीम पहुंची, तो अब पानी साफ आना शुरू हुआ है। वाटर कूलर खराब पड़ा है।
रचना विश्नोई
सबसे बड़ी समस्या नालियों की मरम्मत व उनकी सफाई न होना है, यदि नालियां ठीक हों तो पानी तो आगे चला ही जाएगा लेकिन शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हो रहा है।
नितिन
- यहां सीवर लाइन तो बनाई गई थी लेकिन उसे कभी चालू नहीं किया गया, यदि उसी सीवर लाइन को सुचारू कर दिया जाए तो समस्या हल हो जाएगी।
गोलू
- यहां खाली प्लॉट में जंगल उगा हुआ है, सांप घरों तक आ जाते हैं, नगर निगम इसकी सफाई तो करा ही सकता है, लेकिन लिखित शिकायत पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
अक्षय गुप्ता