पाकबड़ा। हाशमपुर गोपाल गांव स्थित न्यू इंडिया अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की आंखों की रोशनी जाने का आरोप लगाकर उसके परिजनों ने हंगामा किया। कटघर थाना क्षेत्र निवासी नेहा अपनी भाभी के साथ बाजार से खरीदारी करने गई थी। रास्ते में उसे उल्टी और सिर में दर्द हुआ तो अस्पताल में भर्ती किया गया। कुछ देर बात नेहा ने कहा कि उसकी आंखों की रोशनी चली गई है।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गए। कटघर निवासी पारस की पत्नी नेहा अपने मायके हाशमपुर गोपाल गांव गऊ थी। शुक्रवार शाम करीब चार बजे अपनी भाभी प्रियंका के साथ पाकबड़ा के बाजार में बच्ची के लिए कपड़े खरीदने जा रही थी। गांव से निकलते ही उसे अचानक उल्टी होने लगी और हालत बिगड़ने लगी। प्रियंका ने तुरंत घर पर सूचना दी, जिसके बाद नेहा को पास के न्यू इंडिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शाम साढ़े छह बजे के आसपास नेहा ने अपने परिजनों को बताया की उसकी आंखों से दिखना बंद हो गया। यह सुनते ही परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों से बहस शुरू कर दी। बहस जल्द ही मारपीट में बदल गई, और परिजनों ने अस्पताल स्टाफ के साथ जमकर हंगामा किया। लगभग एक घंटे तक अस्पताल में हंगामा करते रहे। पाकबड़ा थाना प्रभारी विनोद कुमार और ताजपुर के चिकित्साधिकारी डॉ. अमित सक्सेना मौके पर पहुंचे। मरीज को जिला अस्पताल भेजा गया और परिजनों को शांत कराया गया। अस्पताल संचालक सौरभ सिंह ने बताया कि अस्पताल को बदनाम करने के लिए एक झोलाछाप ने अपने पहचान वालों को मरीज बनाकर भेजा था। मरीज पूरी तरह से ठीक है। अस्पताल के खिलाफ साजिश रची गई है।