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Moradabad News: छजलैट में कूड़ाघर नहीं, सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर

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कांठ। जहां स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सरकार का साफ-सफाई और स्वच्छता पर जोर है, वहीं दूसरी ओर छजलैट में कूड़ा डालने के लिए कोई भी निर्धारित स्थान न होने के कारण सफाई कर्मियों के द्वारा गांव की आबादी के कूड़े को रोड किनारे डालकर सड़क पटरियों को ही कूड़ा घर बना दिया गया है।
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छजलैट-बिजनौर मार्ग पर सड़क किनारे आबादी के बीच दूर तक कूड़े का अंबर लगा है। जिससे उठने वाली दुर्गंध से आसपास के लोगों का सांस लेना भी अब दुर्भर हो गया है। वहीं मुरादाबाद मार्ग पर भी एक फैक्टरी के सामने गांव की आबादी के बीच सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं। इसके अलावा टेलीफोन एक्सचेंज वाले रास्ते पर तो आबादी के बीच कूड़े के ढेर हैं। ग्राम पंचायत छजलैट के दो गांव रम्पुरा और छजलैट आते हैं। जिनकी आबादी करीब सात हजार है। इतनी बड़ी आबादी के बाद भी यहां कूड़ाघर या कूड़ा डालने के लिए कोई भी निर्धारित स्थान नहीं है। जहां छजलैट एक बड़ी आबादी वाली ग्राम पंचायत है तो वहीं ब्लॉक मुख्यालय को भी छजलैट के नाम से जाना जाता है।
..फोटो सं. 12, 13, 14



कोट
गांव में मात्र दो सफाई कर्मचारी हैं, जिनका अधिकांश समय गांव के दोनों स्कूलों की साफ-सफाई में निकल जाता है। बड़ी आबादी के बाद भी कूड़ा डालने के लिए कोई भूमि नहीं दी हुई है। प्रशासन को कूड़ाघर के लिए भूमि उपलब्ध करानी चाहिए। साथ ही सफाई कर्मी भी बढ़ाए जाएं। -शमीम अहमद ग्राम प्रधान, छजलैट।
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छजलैट में कूड़ाघर के लिए कोई भी भूमि या स्थान नहीं होने के कारण से सफाई कर्मचारी सड़कों के किनारे कूड़ा डाल देते हैं, जिसे कई बार जेसीबी से हटवाया भी गया है। कूड़ाघर के लिए भूमि मिल जाए, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। -कृष्ण कुमार सैनी ग्राम पंचायत सचिव, छजलैट।
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