मुरादाबाद। शहर की किसी भी कॉलोनी में चले जाइए, सड़क के दोनों किनारों पर खड़ीं कारें आवागमन में बाधा पहुंचा रही हैं। रात होते-होते तो यह समस्या और विकराल हो जाती है। सड़कें पार्किंग का रूप ले लेती हैं। आधी से ज्यादा सड़क घिर जाती है। आरटीओ दफ्तर के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 76 हजार कारें हैं, इनमें से 80 प्रतिशत यानी 60 हजार 800 कारें मुरादाबाद शहर में हैं। एक अनुमान के मुताबिक शहर में 80 प्रतिशत कारें घर के बाहर खड़ी हो रही हैं।
बुद्धि विहार, रामगंगा विहार, दीनदयाल नगर, अवंतिका कॉलोनी, मिलन विहार, मझोली रोड समेत शहर की अधिकतर कॉलोनियों में कारें सड़क किनारे खड़ी होती हैं। ऐसा इसलिए है कि अधिकतर घरों में कार खड़ी करने के लिए जगह ही नहीं है। जिनके पास में जगह है वो रोज-रोज घर में कार खड़ी करने और बाहर निकालने की झंझट से बचने के लिए सड़क को ही पार्किंग बना देते हैं।
ऐसे में कॉलोनियों में दूसरे वाहनों को आने-जाने की जगह नहीं बचती है। लोग किसी तरह वाहन निकालते हैं। कई बार तो ये गाड़ियां झगड़े का कारण भी बन जाती हैं। बुद्धि विहार, हिमगिरी कॉलोनी, जिगर कॉलोनी में वाहनों को आने-जाने में सबसे ज्यादा समस्या होती हैं। क्योंकि यहां की सड़कें कम चौड़ी हैं और दोनों तरफ चार पहिया वाहनों के खड़ा होने के चलते दूसरी गाड़ियां मुश्किल से ही निकल पाती हैं।
जिले में हैं 76 हजार कारें
परिवहन विभाग के अनुसार, जिले के लोगों के पास 76 हजार कारें हैं। पिछले चार साल के अंदर लोगों ने 23,129 कारें खरीदीं। आरटीओ (प्रशासन) राजेश सिंह का कहना है कि हर साल कार खरीदने वालों की संख्या बढ़ रही है। परिवहन विभाग में वर्ष 2023 में 6080 कारें, वर्ष 2024 में 6767 कारें, वर्ष 2025 में 7019 कारें, वर्ष 2026 में अब तक 3263 कारें पंजीकृत हो चुकी हैं। जिले में दो पहिया, चार पहिया व कॉमर्शियल समेत अन्य वाहनों की कुल संख्या 5.50 लाख है।
180 कारें हैं 50 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली
जिले के लोगों के पास 50 लाख रुपये से अधिक की 180 कारें हैं। इसमें 90 मर्सिडीज, 35 बीएमडब्ल्यू, 15 वोल्वो, 14 ऑडी शामिल हैं। इसमें सबसे महंगी कार 1.90 करोड़ की मर्सिडीज बेंज है। वर्ष 2017 में करीब 20 महंगी कारें ही पंजीकृत थीं लेकिन वर्ष 2022 में 110 और अब इनकी संख्या 180 हो गई।
यह है नियम
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 122 के तहत किसी भी सार्वजनिक सड़क, स्थान पर वाहन को इस तरह खड़ा नहीं करना चाहिए, जिससे अन्य वाहनों, यात्रियों या राहगीरों को कोई बाधा या असुविधा हो। सार्वजनिक सड़कों पर वाहन खड़ाकर दूसरे लोगों के लिए दिक्कत उत्पन्न करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। शिकायत मिलने पर ऐसे वाहनों के चालान भी किए जाते हैं। पिछले दिनों शहर में कुछ जगहों से ऐसी शिकायतें मिली थीं। यातायात पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ऐसे वाहनों के चालान भी किए थे। आगे भी शिकायत मिलेंगी तो चालान करने की कार्रवाई की जाएगी।
सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी यातायात