बिलारी। अलेहदादपुर देवा नगला गांव निवासी वीरपाल की हत्या उसकी पत्नी सुनीता ने प्रेमी आशीष उर्फ अंशु से कराई थी। पुलिस ने मंगलवार को दोनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। सुनीता और उसके प्रेमी आशीष के बीच किसान रोड़ा बन रहा था।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि सोमवार की सुबह अलेहदादपुर देवा गांव के जंगल में किसान वीरपाल का शव चारपाई पर मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वीरपाल की गला घोटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। वीरपाल के भाई कुंवरपाल ने वीरपाल की पत्नी सुनीता और उसके प्रेमी आशीष उर्फ अंशु के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कराया था। पुलिस ने आशीष उर्फ अंशु और सुनीता को मंगलवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सुनीता ने पुलिस को बताया कि चार माह पहले धान की रोपाई के समय आशीष उर्फ अंशु उसके खेत पर आया था तभी से दोनों में प्रेम संबंध कायम हो गए थे। कुछ दिन पहले पति ने दोनों को घर में ही आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था जिससे नाराज होकर पति ने उसके साथ मारपीट की थी। उसी समय मन में सोच लिया था कि प्यार में रोड़ा बन रहे पति वीरपाल को रास्ते से हटाना है।
पुलिस को सुनीता ने बताया कि 12 अक्तूबर की सुबह आठ बजे वीरपाल ने दोनों को गालियां देते हुए अपमानित किया था। इसके बाद उसकी हत्या की साजिश रची। 12 अक्टूबर की रात को जब वीरपाल खेत पर सोने चला गया तभी सुनीता के कहने पर अंशु खेत पर पहुंचा और वीरपाल की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
अब दादी के पास रहेंगे वीरपाल के पांचों बच्चे
बिलारी। अलेहदादपुर देवा नगला गांव निवासी वीरपाल की हत्या हो जाने और पत्नी सुनीता के जेल चले जाने के बाद उसके पांचों बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वीरपाल के बड़े भाई कुंवरपाल अलग घर में रहते हैं। वीरपाल की चारों बेटियां गौरी, आशी, उपासना और भावना तथा एक बेटे भूपेंद्र का सहारा अब केवल उनकी वृद्ध दादी ज्ञानवती बची हैं। मंगलवार को गांव में रिश्तेदारों ने यही तय किया कि वीरपाल के पांचों बच्चे अपनी दादी ज्ञानवती के पास रहेंगे। संवाद