फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: पत्नी ने प्रेमी से कराई थी पति की हत्या

Wed, 15 Oct 2025 02:41 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बिलारी। स्थानीय पुलिस ने मंगलवार दोपहर अलेहदादपुर देवा नगला गांव निवासी वीरपाल हत्याकांड का खुलासा कर दिया। वीरपाल की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी सुनीता और पत्नी के प्रेमी आशीष उर्फ अंशु को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सुनीता और आशीष के प्रेम संबंध में रोड़ा बनने पर आशीष ने ही सुनीता के पति वीरपाल की गला घोटकर हत्या की थी।
विज्ञापन


सोमवार सुबह अलेहदादपुर देवा गांव के जंगल में अपने ही धान के खेत में गांव निवासी वीरपाल का शव पड़ा हुआ मिला था। नारायणपुर देवा के प्रधान प्रतिनिधि भूप सिंह की सूचना पर पुलिस ने वीरपाल का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वीरपाल की गला घोटकर हत्या कर दिए जाने की पुष्टि हो जाने के बाद पुलिस और वीरपाल के परिजन गंभीर हुए। वीरपाल के भाई कुंवरपाल की तहरीर पर पुलिस ने वीरपाल की पत्नी सुनीता और उसके प्रेमी आशीष उर्फ अंशु के खिलाफ वीरपाल की हत्या किए जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने दोनों नामजद आरोपी आशीष उर्फ अंशु और सुनीता को दोपहर में ही गिरफ्तार कर मुरादाबाद न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।



पुलिस के अनुसार पूछताछ में मृतक की पत्नी सुनीता ने बताया कि उनके और अंशु के खेत के पास में हैं चार माह पहले धान की रोपाई के समय अंशु उसके खेत पर आया था तभी से हम दोनों में प्यार हो गया और शारीरिक संबंध भी बन गए। सुनीता के अनुसार वह अक्सर अपने पति को शराब पिलाकर रात को धान के खेत पर भेज देती थी और प्रेमी अंशु को घर बुलाकर दोनों शारीरिक संबंध बनाते थे। कुछ दिन पहले पति ने दोनों को घर में ही आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था जिससे नाराज होकर पति ने उसके साथ मारपीट भी की थी। मैंने पति से हाथ जोड़कर माफी मांग ली थी कि अब ऐसा नहीं होगा लेकिन तुम किसी से यह बात मत बताना। सुनीता के अनुसार उसी समय मन में सोच लिया था कि प्यार में रोड़ा बन रहे पति वीरपाल को रास्ते से हटाना है।
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार सुनीता ने यह भी बताया कि घटना से कई दिन पहले मैंने प्रेमी अंशु से कहा कि अब मैं तेरे बिना नहीं रह सकती यदि तूने पति वीरपाल को ठिकाने नहीं लगाया तब मैं जहर खाकर जान दे दूंगी। बीती 12 अक्टूबर की सुबह आठ बजे धान की फसल झाड़ने के दौरान जब अंशु को खेत पर बुलाया तब भी पति वीरपाल ने दोनों को गाली देते हुए अपमानित किया था। उसके हम दोनों ने यह तय कर लिया था कि जितना जल्दी हो सके वीरपाल को रास्ते से हटाना है। दोनों के द्वारा बनाई गई योजना के तहत ही 13 अक्टूबर की रात को जब वीरपाल खेत पर सोने चला गया तभी सुनीता के कहने पर अंशु खेत पर पहुंचा और अपने हाथों से वीरपाल की गला दबाकर हत्या कर दी।



वीरपाल के हत्यारोपी आशीष उर्फ अंशु ने पुलिस पूछताछ में बताया कि धान की फसल की रोपाई की ठेकेदारी करने के दौरान उसकी सुनीता से हुई मुलाकात जल्दी ही प्यार में बदल गई। सुनीता उससे कहने लगी कि अभी तुम्हारी शादी नहीं हुई है और मैं जीवन भर तुम्हारे साथ रहूंगी। यह तभी संभव है जब मेरा पति वीरपाल रास्ते से हट जाए।

रिश्ते में नानी धेवता लगते हैं सुनीता और अंशु

बिलारी। हत्यारोपी अंशु की अलेहदादपुर देवा नगला गांव में ससुराल है। यहां की ग्राम प्रधान उसकी मामी है। अंशु बचपन से ही अपनी माता पुष्पलता के साथ अपनी ननिहाल में रह रहा है। उसकी ननिहाल मृतक वीरपाल के कुनबे में ही है। ग्रामीणों ने बताया कि सुनीता और अंशु आपस में नानी धेवता लगते हैं। दोनों की उम्र में भी लगभग 12 साल का अंतर है।



ग्रामीणों के अनुसार सुनीता जब अलेहदादपुर देवा नगला गांव में घटनास्थल पर अपने पति वीरपाल के शव के पास पहुंची तब दहाड़े मार मारकर रोने लगी। पति के शव से लिपटकर बार बार यही कह रही थी कि तुम मुझे छोड़कर चले गए अब मैं कैसे दुनिया रह पाऊंगी। मौके पर सुनीता अपने बच्चों से भी लिपटकर रोते हुए यह दिखा रही थी कि पति की हत्या हो जाने से उसे बहुत दुख है।

वीरपाल का जंगल में धान के खेत पर शव पड़ा मिलने की सूचना पर मृतक के परिजनों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के अनुसार जैसे ही ग्राम प्रधान पति भूप सिंह ने पुलिस को सूचना देने को कहा तभी रोते हुए सुनीता कहने लगी कि मैं अपने पति की मिटटी खराब नहीं कराऊंगी। यदि पुलिस आएगी तब शव का पोस्टमार्टम होने पर चीड़ फाड़ होगी। सुनीता द्वारा पुलिस को सूचना न देने की बात कहने पर ही परिजनों और ग्रामीणों को उस पर शक हो गया था।



सांसे थमने तक वीरपाल का गला दबाए रहा अंशु



बिलारी। मुख्य हत्यारोपी अंशु ने पुलिस पूछताछ में यह भी बताया कि सुनीता के साथ बनाई योजना के तहत 13 अक्टूबर की आधी रात के बाद लगभग एक बजे अंशु वीरपाल के धान के खेत पर पहुंचा। चारपाई पर सो रहे अंशु का अपने हाथों से कसकर गला दबा दिया। तब तक गला दबाए रहा जब तक वीरपाल की सांसे थमीं। जब अंशु को पूरा यकीन हो गया कि वीरपाल की जान जा चुकी है तभी उसने वीरपाल के ऊपर से लिहाफ ढक दिया और घटना के फौरन बाद सुनीता के घर जाकर उसे बता दिया कि मैनें वीरपाल को मार दिया है।

मंगलवार सुबह अलेहदादपुर देवा नगला के परिषदीय स्कूल के निकट सुनीता के मायके वालों और ग्रामीणों में जमकर नोंकझोंक हुई। ग्रामीणों ने बताया कि सुनीता को जब यह आशंका हुई कि प्रेमी से पति की हत्या कराने का भेद खुल गया है तब उसने फोन करके मंगलवार तड़के थाना हयातनगर के सैंजना गांव निवासी अपने मायके वालों को गांव बुला लिया। सुनीता की योजना तड़के छह बजे अपने घर से निकलने की थी। जैसे ही वह मायके पक्ष के रिश्ते के भतीजे की बाइक पर बैठकर निकली तभी ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए मायके वालों को घेर लिया और सूचना देकर पुलिस को बुलाकर सुनीता को पुलिस के हवाले कर दिया। अलेहदादपुर देवा नगला गांव निवासी वीरपाल की हत्या हो जाने और उसकी हत्या के आरोप में पत्नी सुनीता के जेल चले जाने के बाद वीरपाल के पांचों बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वीरपाल के बड़े भाई कुूंवरपाल अलग घर में रहते हैं। वीरपाल की चारों बेटियों गौरी, आशी, उपासना और भावना तथा एक बेटे भूपेंद्र का सहारा अब केवल उनकी वृद्ध दादी ज्ञानवती बची है। मंगलवार को गांव में रिश्तेदारों ने यही तय किया कि वीरपाल के पांचों बच्चे अपनी दादी ज्ञानवती के पास रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें