डिलारी (मुरादाबाद)। थानाक्षेत्र के बढ़ेरा गांव के पास सोमवार की रात रामगंगा नदी में मछली पकड़ने के लिए लगाए गए जाल को हटवाने के दौरान सिपाही मोनू कुमार बह गए। सिपाही के साथी अमरपाल के शोर मचाने पर ग्रामीण आ गए और थाने से पुलिस भी पहुंच गई। सूचना मिलने पर अधिकारी पहुंचे और एसडीआरएफ टीम बुला ली। दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन सिपाही का पता नहीं चल पाया है।
गाजियाबाद जिले के लोनी थानाक्षेत्र के बेहटा हाजीपुर निवासी मोनू कुमार (29) का वर्ष 2018 में यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर चयन हुआ था। वर्तमान में उनकी तैनाती डिलारी थाने में चल रही है। डिलारी थानाक्षेत्र क्षेत्र के बढ़ेरा के पास रामगंगा नदी में करीब 40 गहरा तेली घाट है। मछुआरे यहां जाल लगाकर मछली पकड़ते हैं। मछली देखने के लिए आते-जाते लोग यहां रुक जाते हैं। कोई हादसा न हो जाए इसलिए पुलिस इन्हें यहां जाल लगाने से रोकती है।
सोमवार की रात गश्त पर निकले सिपाही मोनू कुमार और अमरपाल मछली पकड़ रहे मछुआरों को खदेड़ रहे थे। इसी दौरान पुलिया पर लगे जाल को हटाने के लिए झुकते ही सिपाही मोनू कुमार का संतुलन बिगड़ गया। वह पानी के तेज बहाव के साथ गहरे पानी में बह गए। मोनू कुमार को बहते देख कांस्टेबल अमरपाल ने शोर मचा दिया। मछुआरे और ग्रामीण भी आ गए। मछुआरों ने सिपाही को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इसकी जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी मनोज कुमार मौके पर पहुंच गए और उन्होंने उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों ने सिपाही की तलाश की लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया। मंगलवार की दोपहर डीआईजी मुनिराज जी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली। इसके अलावा सिपाही के परिवार से भी बात की। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि रामगंगा नदी में सिपाही की तलाश की जा रही है।