मुरादाबाद। शासन ने केरोना संक्रमण के केस कम होने की वजह से नर्सरी से लेकर आठवीं तक की कक्षाओं का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुरादाबाद में बृहस्पतिवार से स्कूल खुल जाएंगे। इस बार पढ़ाई सिर्फ ऑफलाइन होगी। इसके अलावा स्कूलों को बसों की सुविधा देने के भी निर्देश हैं। बुधवार को स्कूलों में प्रधानाचार्यों ने विद्यालयों में सैनिटाइजेशन और साफ-सफाई की व्यवस्था करवाई।
मुरादाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग, सीबीएसई और आईसीएससी में नर्सरी से कक्षा आठ तक करीब दो लाख 75 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से पहली बार 18 मार्च 2020 को विद्यालयों को बंद किया गया था। इसके बाद से कई बार विद्यालयों को खोला गया, लेकिन ऑफलाइन माध्यम के साथ विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ने की सुविधा दी गई थी। लगभग दो वर्ष में पहली बार है कि कक्षाओं का संचालन ऑफलाइन माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर ज्यादातर अभिभावक, विद्यार्थी और स्कूल प्रशासन उत्साहित हैं। स्कूल प्रशासन कोविड प्रोटोकॉल का दावा कर रहे हैं, तो वहीं ज्यादातर अभिभावकों का कहना है कि वह बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं। इसके साथ ही वह स्कूलों में कोविड संक्रमण से बचने की व्यवस्थाओं की भी जांच करेंगे।
जब ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लास चल रहीं थीं, तब भी 60 फीसदी बच्चे स्कूल आ रहे थे। बच्चों को कोरोना के प्रोटोकाल का पालन करते हुए कक्षाओं में बैठाया जाता था। विद्यालय में सेक्शन ज्यादा बने हैं और उनमें छात्रों की संख्या कम रखी है। यातायात की सुविधा अभिभावकों की सहमति के आधार पर दी जाएगी। अभी दो बसें संचालित की जा रहीं हैं और 20 वैन हैं। सभी की फिटनेस कराई गई है।
भावना दयाल, प्रिंसिपल, रानी प्रीतम कुंवर स्कूल।
सोमवार से यातायात की सुविधा दी जाएगी। छोटे बच्चे ज्यादा संख्या में आएंगे तो एक कक्षा के बच्चों को दो कमरों में बैठाया जाएगा। नर्सरी से पांच क्लास तक के बच्चों की दोपहर एक बजे छुट्टी होगी। कक्षा छह से 12 तक के बच्चों की दोपहर दो बजे छुट्टी होगी। अभी प्रार्थना नहीं कराई जाएगी। पांच वैन हैं और एक बड़ी बस है। सभी के फिटनेस प्रमाण आरटीओ से आ गए हैं। मार्च के पहले सप्ताह से वार्षिक परीक्षाएं शुरू होंगी।
डॉ. इंदु पारीख, प्रधानाचार्य टाइनी टॉट्स कालेज।
सात मार्च से कक्षा नर्सरी से आठ, नौ और 11 कक्षा के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होंगी। छोटे और बड़े बच्चों की अलग-अलग असेंबली होगी। नर्सरी से कक्षा आठ तक के बच्चों की दोपहर 12.30 बजे छुट्टी होगी। कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों की दोपहर दो बजे छुट्टी होगी। पाकबड़ा वाले स्कूल में आठ बस हैं। सभी का परमिट बन गया है, हमने दिसंबर माह तक बसों का संचालन किया है।
डॉ. आशीष संतराम, प्रिंसिपल, विल्सोनिया स्कूल।
मैंने अपनी बेटी का नर्सरी में एडमीशन कराया है। कोरोना संक्रमण की वजह से बेटी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहती हूं, लेकिन लंबे समय तक अब उसे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं करवा सकते हैं। बेटी को स्कूल भेजना चाहती हूं। विद्यालय में भी कोविड प्रोटोकॉल के नियमों को परखा जाएगा।
अपूर्वा अग्रवाल, अभिभावक।
मेरा बेटा पांच वर्ष का हो गया है, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से मैंने दो वर्ष तक उसे घर पर पढ़ाई करवाई है। इस वर्ष मैं एडमीशन करवा रहा हूं। शिक्षक अभी बेटे की काउंसिलिंग कर रही हैं, ताकि पढ़ाई की क्षमता के हिसाब से उसका एडमीशन क्लास नर्सरी या एलकेजी में हो सके। इसलिए मैं चाहता हूं कि विद्यालय खुलें, जिससे बच्चे नियमित पढ़ाई कर सकें।
मोहम्मद फैजान, अभिभावक।
मेरा बेटा यूकेजी में है। ऑनलाइन पढ़ाई हो रही थी, लेकिन यह माध्यम बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने का एक तरीका है। सही पढ़ाई स्कूल में होती है, जहां बच्चा तरीके से बैठना, बोलना और व्यवहार करना सीखता है। स्कूल में सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाया जाएगा तो मैं बेटे को स्कूल भेजूंगी।
प्रियंका रस्तोगी, अभिभावक।
शासन से विस्तृत दिशा-निर्देश आ गए हैं। वह सभी प्रधानाचार्यों को भेज दिए गए हैं। बृहस्पतिवार से स्कूल खुलने के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। सभी को संक्रमण से बचने के लिए सतर्क रहना होगा और विद्यार्थियों को भी नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना होगा।
बुद्धप्रिय सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।