रामपुर। शहर में ई-बसों का संचालन सपना बनकर रह गया है। एक साल पहले शुरू हुई कवायद अभी तक परवान नहीं चढ़ सकी है। इसके साथ ही बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने की कवायद भी शुरू हुई थी, लेकिन वह भी पूरी नहीं हो सकी। चार्जिंग स्टेशन के लिए पांच एकड़ भूमि का चयन करने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी।
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर रामपुर में ई-बसों के संचालन का प्रस्ताव रखा था। जिसको केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी थी। रामपुर में 50 ई-बसों के संचालन का निर्णय लिया गया था। बसों के संचालन से पहले चार्जिंग स्टेशन और मेंटीनेंस के लिए वर्कशाप का निर्माण होना था।
मुरादाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के प्रबंध निदेशक मो. परवेज खान ने शहर के अंदर पांच एकड़ भूमि चयनित करने के लिए रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि जिला प्रशासन के सहयोग से जल्द भूमि खोज ली जाएगी, लेकिन भूमि का चयन भी एक साल गुजरने के बावजूद नहीं हो सका। वहीं बसें भी अभी तक नहीं आ सकी हैं। अब अगले साल तक बसें आने की उम्मीद जताई जा रही है।
50 ई-बसें आनी थी। इसके लिए तैयारी की जा रही थी, लेकिन अभी तक बसें नहीं आई हैं। चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए भूमि चयन भी अभी तक नहीं हो सका है।
-दीपचंद्र जैन, एआरएम, रामपुर डिपो।