मुरादाबाद। कोरोना के लक्षण होने पर चिकित्सक लोगों को अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन शहर के मेडिकल स्टोर से पल्स ऑक्सीमीटर ही गायब हैं। शुक्रवार को फूड विभाग द्वारा दो मेडिकल स्टोरों पर की गई छापेमारी में दोनों ही जगह पल्स ऑक्सीमीटर नहीं मिले। स्टोर संचालक 10 दिन का क्रय, विक्रय और स्टॉक रजिस्टर नहीं दिखा सके। वहीं, ग्राहकों को बिल भी नहीं दिए जा रहे हैं।
बढ़ने कोरोना संक्रमण के कारण इन दिनों पल्स ऑक्सीमीटर की मांग बहुत अधिक बढ़ गई है, लेकिन लोगों को यह आसानी से नहीं मिल रहा है। दरअसल मांग बढ़ने की वजह से इन्हें मनमानी कीमत पर बेचा जा रहा है। घटिया किस्म का ऑक्सीमीटर भी दो हजार रुपये में बेच रहे हैं। प्रशासन के निर्देश पर शुक्रवार को मुख्य खाद्य निरीक्षक ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने रामगंगा विहार स्थित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। स्टोर पर कोविड में प्रयोग होने वाली दवाइयों को चेक किया गया। कुछ दवाइयां दिखाईं गईं, लेकिन स्टोर संचालक पिछले 10 दिन में हुई खरीद फरोख्त का कोई स्टॉक नहीं दिखा सका। ग्राहकों को दवा का बिल नहीं दिया जा रहा था। स्टोर संचालक को एक सप्ताह में रिकॉर्ड दिखाने के आदेश दिए गए हैं। रामगंगा विहार में ही एक अन्य मेडिकल सप्लायर के यहां कोविड संबंधी दवाओं का स्टॉक था, लेकिन यहां भी पिछले 10 दिन में हुई खरीद-फरोख्त का कोई बिल नहीं दिखाया गया। यहां भी ग्राहकों को दवा का बिल नहीं दिया जा रहा था। इस विक्रेता को भी एक सप्ताह में रिकॉर्ड दिखाने के आदेश दिए। मुख्य खाद्य निरीक्षक ने बताया कि पल्स ऑक्सीमीटर इन स्टोर पर नहीं मिला।
वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग के श्रीप्रकाश ने कवात्रा गैस इंस्ट्रीयल कंपनी के प्लांट का निरीक्षण किया। बताया गया कि पिछले दिन में 10 मीट्रिक टन गैस विभिन्न अस्पतालों में दी गई। संचालक ने बताया कि वर्तमान में गैस पर्याप्त नहीं है। संचालक ने 10 टन गैस की अतिरिक्त आवश्यकता बताई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जगदंबा प्रसाद और ब्रजेश वर्मा ने कलिंगा एयर प्रोडेक्ट का निरीक्षण किया। बताया गया कि अस्पतालों को छह हजार किलोग्राम गैस दी गई, जबकि 2563 किलोग्राम गैस शेष है। पवन ऑक्सीप्योर गैस प्लांट पर 412 सिलिंडर और 390 किलो लिक्विड ऑक्सीजन का वितरण किया गया और 12000 लिक्विड ऑक्सीजन शेष थी।