मुरादाबाद। दयांनद कॉलेज में स्टॉफ रूम में कैमरे लगवाने के मामले में प्राचार्य ने अन्य कॉलेज के शिक्षकों पर माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की जाएगी।
कॉलेज में 23 शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरु होने से पहले विश्वविद्यालय के निर्देश पर अन्य कमरों की तरह स्टॉफ रूम के कैमरे भी ठीक करवाए गए थे। इसको लेकर कुछ शिक्षकों ने शिक्षिकाओं की निजिता का हवाला देकर कैमरे लगने को गलत बताया था। प्राचार्य प्रो. सीमारानी का कहना है कि स्टाफ रूम में कैमरे वर्ष 2010 से लगे हैं। वर्ष 2012 में जब नैक मूल्यांकन हुआ था, उस वक्त भी कैमरे लगे थे। इन वर्षों में कभी किसी शिक्षिका ने न तो लिखित शिकायत की और न ही मौखिक रूप से असहजता व्यक्त की। कई बार लोकसेवा आयोग या विवि परीक्षाओं से संबंधित बैठक भी स्टाफ रूम में होती हैं। इसलिए वहां पर कैमरे होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से मैं इस कॉलेज में प्राचार्य हूं, लेकिन अभी तक किसी भी शिक्षिका की किसी कार्य को लेकर इन्कार या मनमुटाव जैसी कोई बात भी बात भी सामने नहीं आई है। शहर के एक बड़े महाविद्यालय के शिक्षक अपने कॉलेज की तरह यहां भी शिक्षिकाओं के बीच मतभेद उत्पन्न कर माहौल खराब करना चाहते हैं। इसलिए यह मुद्दा उछाला जा रहा है। यदि हमारी किसी शिक्षिका को आपत्ति या असहजता होती तो मुझसे या प्रबंधन तक जरूर बात जाती। उन्होंने कहा कि यदि शासन से कैमरे हटाने का कोई निर्देश आएगा तो कैमरे हटवा दिए जाएंगे लेकिन बाहरी कॉलेज के शिक्षकों का हस्तक्षेप वह अपने कॉलेज के माहौल को बिगाड़ने में नहीं करने देंगी।