मंडल को फुटबाल में स्टेट चैंपियन का खिताब दिलाने वाली टीम शुक्रवार को सोनकपुर स्टेडियम पहुंची। चैंपियंस का भव्य स्वागत स्टेडियम में किया गया। आरएसओ नरेश चंद यादव व ओलंपिक संघ के सचिव अजय पाठक ने खिलाड़ियों को मालाएं पहनाईं। अन्य खेल संघों के पदाधिकारी व खिलाड़ियों के अभिभावक मौके पर पहुंचे।
स्टेडियम के बैडमिंटन हॉल में सभी खिलाड़ियों व उनके अभिभावकों को जलपान कराया गया। प्रमाणपत्र भेंटकर खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। प्रदेश स्तर पर मुरादाबाद की खिताबी जीत का सूखा खत्म करने पर खिला़ड़ियों की सभी ने सराहना की। खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के दौरान के अनुभव साझा किए।
कप्तान फरमान ने बताया कि कुछ लोगों ने अयोध्या जाने से पहले ही टीम को कमजोर आंका था। खिलाड़ियों से कहा था कि आज जा रहे हो और कल हारकर बाहर हो जाओगे। प्रतियोगिता में भी कई टीमों के मन में यही छवि थी कि मुरादाबाद में फुटबाल के अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं। कुछ टीमों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इन्हें तो 10 मिनट में हरा देंगे। मुरादाबाद की टीम ने अपने खेल से सबको करारा जवाब दिया।
सबसे कड़ा मुकाबला प्रयागराज और गोरखपुर से रहा। उप कप्तान मॉरिस ने बताया कि पिछले साल बरेली से 2-0 से हारे थे। इस बार मुरादाबाद ने बरेली को 6-1 से मात दी। यह अनुभव अलग ही आनंद देने वाला था। खिलाड़ियों के सम्मान के मौके पर जिला ओलंपिक संघ के सचिव अजय पाठक, मीनू अरोरा, तैराकी संघ के सचिव रवि शर्मा, प्रदीप सक्सेना, सीएल वर्मा आदि मौजूद रहे।
स्कूल छूटा, लेकिन फुटबाल की क्लास नहीं
मुरादाबाद की टीम के कप्तान फरमान पाकबड़ा में रहते हैं। उनके पिता किसान हैं। फरमान का कहना है कि फुटबाल क्या होता है वह जानते भी नहीं थे। उनके गांव का रहने वाला एक लड़का एक दिन तुर्किये से लौटा तो फुटबाल लेकर आया। उसने ही गांव में बच्चों को खेलना सिखाया। इसके बाद फरमान ने स्कूल में खेलना शुरू किया। 12वीं के बाद पढ़ाई छूट गई, लेकिन फुटबाल खेलने सोनकपुर स्टेडियम आने लगे। तब से लगातार अभ्यास कर रहे हैं और अब टीम को चैंपियन बनाया।
सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रहे मॉरिस
पूरी प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी मॉरिस रहे। उन्होंने नौ गोल किए। इसके लिए उन्हेें टूर्नामेंट के दौरान विशेष सम्मान भी दिया गया। इससे पहले सोनकपुर स्टेडियम में अमर उजाला की ओर से आयोजित तीन दिवसीय फुटबाल टूर्नामेंट में भी मॉरिस को सबसे ज्यादा गोल करने पर गोल्डन बूट से नवाजा गया था। मॉरिस ने अपनी सफलता का श्रेय कोच सचिन विश्नोई को दिया है।
आखिरी मुकाबले में गलती पर डांट मिली और जीत पर शाबासी
फुटबाल टीम के सदस्य अमान को आखिरी मुकाबले में कोच से डांट मिली। पहले हाफ में गोरखपुर दो गोल कर चुका था और मुरादाबाद को एक भी सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद ब्रेक के दौरान कोच ने अमान को डांटा और सब खिलाड़ियों के साथ उन्हें भी भावनात्मक भाषण दिया। इसके बाद खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा और उन्होंने एक के बाद एक चार गोल दागे। अंत में गोरखपुर एक गोल और कर पाया। मुरादाबाद को 4-3 से जीत मिली।
मेरे लिए यह बहुत बड़ा दिन है : सचिन
स्टेट चैंपियनशिप को जीतने वाली यह टीम एक दिन, एक सप्ताह या एक महीने में तैयार नहीं हुई। इसके लिए मैं दो साल से काम कर रहा था। जिस दिन से स्टेडियम ज्वाइन किया, उसी दिन से खिलाड़ियों को तराशने में लग गया। दो साल लगे, लेकिन खुशी है कि मेहनत रंग लाई। मेरे लिए यह बहुत बड़ा दिन है क्योंकि इससे पहले मुरादाबाद ने कभी यह खिताब नहीं जीता था।