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Moradabad News: छत पर सूख रहे कपड़ों को बारिश से बचाएगा स्टैंड

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मुरादाबाद। चित्रगुप्त इंटर कॉलेज में तीन दिवसीय मंडल स्तरीय 53वीं बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें मुरादाबाद, अमरोहा के 65 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने चिरस्थायी कृषि, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प, उभरती प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, जल संरक्षण एवं प्रबंधन आदि विषय पर मॉडल बनाए।
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जिसमें सेना का नेविगेशन, बारिश के पानी को बचाने व उसके उपाय के साथ ही सैंसर युक्त टैब से पानी का इस्तेमाल करने एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर मॉडल प्रदर्शित किए गए। दिव्या सरस्वती बालिका कन्या इंटर कॉलेज की कक्षा-10 की छात्रा अनन्या चौहान ने एकीकृत खेती के मॉडल से तालाब के ऊपर बकरी और मुर्गी पालन को प्रदर्शित किया।
नीचे मछलियों के लिए भोजन तैयार करने और उसी तालाब के पानी से प्राकृतिक खेती की सिंचाई करने को दर्शाया। चिरस्थायी कृषि के जरिए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया। मंगलवार को बिजनौर, रामपुर एवं संभल के विज्ञान मॉडलों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार पांडे एवं प्रधानाचार्य मेजर सुदेश भटनागर ने किया। मंडल सदस्य वीरेश कुमार, डॉ. मधुसूदन यादव, डॉ. राजीव कुमार ने मुख्य विषयों के मॉडलों का निरीक्षण किया। बबीता मेहरोत्रा, नरेंद्र सिंह, मो. शारिब, अनुज त्यागी, विशाल अग्रवाल, पंकज कुमार शर्मा आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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उभरती प्रौद्योगिकी पर मॉडल बनाया है जिसमें मौसम की जानकारी से लेकर सेना को नेविगेशन एवं पृथ्वी की तस्वीरें आदि खींची जा सकती हैं। इसमें वाईफाई का उपयोग किया है ताकि इसकी समय-समय पर जानकारी की जा सके।
- मनीष सैनी, केजीके स्कूल कक्षा- 9
आज के समय में पानी का दुरुपयोग किया जा रहा है जिस कारण जल संरक्षण एवं प्रबंधन पर मॉडल बनाया है। इस मॉडल की जरिए बारिश के पानी को बचा सकते हैं और स्मार्ट टैब के माध्यम से पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- जुनैरा, कक्षा-12, प्रभा देवी कन्या इंटर कॉलेज
मैंने विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के मॉडल पर उभरती हुई तकनीक का इस्तेमाल किया है। जैसे की बारिश में कपड़े गीले हो जाते हैं, जिससे समय और मेहनत दोनाें बर्बाद हो जाती है। बारिश से बचाव करने के लिए स्टैंड बनाया है जिसके माध्यम से कपड़ों को गीला होने से बचाया जा सकता है।
- सूजल सक्सेना, कक्षा-7 चित्रगुप्त इंटर कॉलेज
मैंने कार्बन शुद्धिकरण मॉडल बनाया है। इस मॉडल से फैक्टरियों से निकलने वाले प्रदूषण एवं कार्बन को शुद्ध करके निकाला जा सकता है। यह तकनीक कार्बन को फिल्टर करती है और उसे फिर से उपयोग लायक बनाती है। इससे प्रदूषण भी कम हो जाएगा और कार्बन से उत्पादों को बनाया जाएगा।
- लक्ष्य, कक्षा-11 इंटरमीडिएट कॉलेज जमनाखास, अमरोहा
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कचरे को रीसाइकिल कर खत्म करेंगे बीमारी
अमरोहा के जमना खास इंटरमीडिएट कॉलेज ती कक्षा नौ की छात्राएं अक्षरा त्यागी, नव्या वर्मा और भूमिका त्यागी ने कचरा प्रबंधन पर मॉडल बनाया। उन्होंने बढ़ते कचरे के कारण बीमारी फैलने से बचने के तरीके बताए। बताया। उन्होंने मॉडल में दर्शाया कि कचरे को रीसाइकिल कर नए उत्पाद बनाए जा सकते हैं। बीमारी को खत्म किया जा सकता है।
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