मुरादाबाद। मझोला थाने के पास महिला चौकीदार नन्ही की हत्या उसके ही दामाद लियाकत के भतीजे इरफान ने सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने बुधवार को आरोपी इरफान को और तीन शूटरों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि इरफान ने कबूला है कि नन्ही उसके परिवार के मामलों में कुछ ज्यादा ही दखल देती थी। विरोध करने पर झूठी प्राथमिकी दर्ज कराकर जेल भिजवाने की धमकी देती थी।
एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि सोमवार की शाम मझोला थाने के पास एक प्लॉट में कुंदरकी के ऊंचाकानी निवासी महिला नन्ही की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। महिला करीब 15 साल से इस प्लॉट में चौकीदारी करती थी। नन्ही के बेटे महबूब ने भगतपुर के उदावाला रोशनपुर निवासी मो.शानिव सैफी को मौके पर ही दबोच लिया था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आगे बढ़ी और भोजपुर के मोहल्ला नावपुर निवासी शानिव, इमरान को दबोच लिया। तीनों से पूछताछ की तो पता चला कि हत्या की सुपारी भोजपुर निवासी बिट्टू उर्फ शिवा ने इरफान से ली थी। बुधवार को पुलिस ने इरफान को दबोच लिया। पुलिस ने बुधवार को कुंदरकी के ऊंचाकानी निवासी इरफान को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि नन्ही ने अपनी बेटी की शादी गांव में लियाकत के साथ की थी। लियाकत का अपने भाई रियासत और भतीजे इरफान से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इरफान ने बताया कि नन्ही अपनी बेटी और दामाद की वजह से उनके घर में हर मामले में दखल देती थी। इरफान को यह बात पसंद नहीं थी। इस लिए उसने सुपारी देकर हत्या कराई थी। सीओ सिविल लाइंस कुलदीप गुप्ता ने बताया कि तीनों को बुधवार की शाम कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया है।
बहन को वापस दिलाने के नाम पर नन्ही ने वसूले 50 हजार
मुरादाबाद। सुपारी देने वाला इरफान लुधियाना में कबाड़ का काम करता है। उसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसकी बहन एक लड़के के साथ चली गई थी। नन्ही ने इरफान और उसके परिवार को आश्वासन दिया था कि उसे पचास हजार रुपये दे दें वह लड़की को वापस करा देगी। नन्ही ने इरफान के परिवार से पचास हजार रुपये ले लिए थे और बहन का निकाह उसी लड़के से करा दिया था। जिससे गांव में परिवार की बहुत बेइज्जती हुई थी। इसके अलावा गांव की एक जमीन पर विवाद चल रहा था। मामला हाई कोर्ट तक गया था। इस मामले में हाईकोर्ट में पैरवी में उनका काफी खर्च हुआ था लेकिन चाचा पैरवी के लिए रुपये नहीं देते थे। जबकि विवादित जमीन बिकी और उसकी रकम मिली तो चाचा और उनकी सास रकम मांगने ली थी। रकम न देने पर प्राथमिकी दर्ज कराकर जेल भिजवाने की धमकी देती थी।
व्हाटसएप पर हुई डील, चारों के हिस्से में आए पांच-पांच हजार
मुरादाबाद। बीफार्मा के छात्र मो. शानिब सैफी का गांव में मेडिकल स्टोर है और उसके पिता इलियास कारपेंटर हैं। उसकी भोजपुर के नावपुर निवासी इमरान और शानिब से दोस्ती है। घटना से 20 दिन पहले तीनों अपने चौथे साथी बिट्टू उर्फ शिवा के साथ भोजपुर में होटल पर बैठे थे। इसी दौरान बिट्टू को इरफान ने व्हाटसएप कॉल की थी और नन्ही की हत्या की डील की थी। आरोपी ने हत्या के लिए एक लाख रुपये देने की बात कही थी लेकिन रुपये कम होने के कारण सभी ने इन्कार कर दिया था। तब इरफान ने बीस हजार रुपये और देने के लिए कहा था। उसने तुरंत बीस हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए थे। चारों के हिस्से में पांच-पांच हजार रुपये आए थे। इसके बाद इरफान ने महिला का फोटो वॉट्सऐप भेज दिया था।
बिट्टू से चलाई थी गोली, बैकअप दे रहे थे इमरान और शानिब
मुरादाबाद। सोमवार की शाम सात बजे बिट्टू और शानिब सैफी प्लॉट के अंदर चले गए थे जबकि इमरान और शानिब बाहर मौजूद रहे थे। बिट्टू ने महिला को गोली मार दी थी। इसके बाद सभी लोग मौके से भाग गए थे लेकिन मो. शानिब सैफी नशे की हालत में गलत दिशा में भाग गए और वह पकड़ा गया था।