मुरादाबाद। विद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत गया है। अब तक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में किताबों का मिलान नहीं किया है। जबकि स्कूल खुलने से पहले अधिकारियों ने दावा किया था कि मौके पर जाकर किताबों का मिलान किया जाएगा। उस समय 10 स्कूलों को नोटिस जारी करने के बाद मामला ठंडा हो गया था।
अब विभागीय जिम्मेदार यह कहकर पल्ला छुड़ा रहे हैं कि किसी अभिभावक की ओर से कोई अपील नहीं की गई। जबकि वास्तविकता यह है कि तमाम स्कूलों ने एनसीईआरटी के नाम पर दो या तीन किताबें लगाई हैं बाकी किताबें निजी प्रकाशकों की हैं। इस मामले में अभिभावकों के मैसेज व्हाट्सएप ग्रुपों पर वायरल हो रहे हैं। गांधी नगर पब्लिक स्कूल में बच्चे को शिक्षा दिला रहे एक अभिभावक ने लिखा है कि एनसीईआरटी की सिर्फ तीन किताबें लगाई गई हैं बाकी कोर्स निजी प्रकाशकों का हैं। उन्होंने 5140 रुपये का बिल भी साझा किया। अभिभावक की शिकायत है कि एनसीईआरटी की किताब 65 रुपये की है तो निजी प्रकाशक की वहीं किताब 300 रुपये की है। इसी तरह बोनी एनी पब्लिक स्कूल के एक अभिभावक ने बिल साझा करते हुए लिखा कि हर साल की तरह सिलेबस खरीदा गया है। एनसीईआरटी की किताबें पूरी तरह लागू नहीं की गई हैं।
केसीएम स्कूल के एक अभिभावक ने लिखा कि पहले निजी प्रकाशक की सभी किताबें खरीदीं। अब एनसीईआरटी की किताबें खरीदने के लिए कहा गया है और पुरानी किताबों को वापस नहीं किया जा रहा। एक विषय की दो किताबें थोपी जा रही हैं। किसी भी अभिभावक द्वारा साझा किया गया बिल पांच हजार से कम का नहीं है।
इन स्कूलों को दिया गया था नोटिस
नोटिस पाने वाले स्कूलों में डायमंड पब्लिक स्कूल भीकनपुर, गोल्डन गेट पब्लिक स्कूल, कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल, गांधी नगर पब्लिक स्कूल, पीएमएस स्कूल, शिरडी साईं पब्लिक स्कूल, केसीएम स्कूल, बोनी एनी पब्लिक स्कूल, आरआरके पब्लिक स्कूल और समर वैली स्कूल शामिल हैं।
वर्जन
स्कूलों को एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद स्कूलों ने इसका पालन भी किया। सत्र शुरू होने के बाद किसी अभिभावक की ओर से कोई अपील या शिकायत नहीं आई है। यदि आएगी तो जांच और कार्रवाई जरूर की जाएगी।
- देवेंद्र कुमार पांडे, जिला विद्यालय निरीक्षक