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Moradabad News: पिटते रहे सचिव, जान बचाकर भाग गए कर्मचारी

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मुरादाबाद। मंडी समिति के सचिव संजीव कुमार पर उपद्रवियों ने हमला किया तो कर्मचारी अपनी जान बचाकर भाग गए। 20 मिनट तक हमलावर उनके कार्यालय में तांडव मचाते रहे लेकिन चंद कदमों की दूरी पर पुलिस चौकी होने के बावजूद उन्हें न तो पुलिसकर्मी बचाने आए और न ही किसी हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की गई।
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मंडी समिति परिसर में सोमवार की दोपहर 12 बजे एक के साथ एक कई गाड़ियां पहुंचीं। इन गाड़ियों से उतरे लोग सीधी सचिव संजीव कुमार के कार्यालय में पहुंचे। बताया जा रहा है कि भीड़ में सरकारी गनर भी मौजूद था। भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने लात मारकर संजीव को कुर्सी से गिरा दिया। इसके बाद उपद्रवियों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। कार्यालय की कुर्सियां तोड़ दी और कांच भी तोड़ दिए। इस घटना से उनके कार्यालय में भगदड़ मच गई। कर्मचारियों भी अपनी जान बनाकर वहां से भाग निकले। करीब 20 मिनट तक कार्यालय में हंगामा होता रहा। हमलावरों ने उन्हें धमकी दी कि जहां चाहाे वहां शिकायत कर देना। हमारा कुछ नहीं होगा। इसी दौरान कार्यालय के बाहर मंडी सब्जी की आढ़त लगाने वाले लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी होने के बाद बावजूद न तो हमलावर पकड़े गए और न ही किसी ने सचिव को बचाने का प्रयास किया।
हमलावरों के जाने के बाद सचिव संजीव कुमार ने अपने कार्यालय में ताला लगा दिया और सीधे डीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह और सीओ सिविल लाइंस कुलदीप गुप्ता फोर्स लेकर पहुंच गए। कार्यालय खोलकर देखा तो कुर्सियां टूटी पड़ी थीं और फर्श पर कांच बिखरे थे। पुलिस ने कर्मचारियों को थाने बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। कर्मचारियों ने भी सचिव के साथ मारपीट की बात कही लेकिन किसी ने भी घटना में शामिल लोगों की पहचान होने से इन्कार कर दिया।
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तीन माह पहले मंडी समिति में धरने पर बैठे थे विधायक
मुरादाबाद। तीन माह पहले जिला प्रशासन ने मंडी समिति में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान टीम बुलडोजर लेकर मंडी समिति पहुंची थी और अवैध कब्जा हटवाया था। इसकी जानकारी मिलने पर भाजपा विधायक रितेश गुप्ता मौके पर पहुंच गए थे और उन्होंने कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि पहले मंडी समिति में पक्की दुकानें बनाई जाए तब अतिक्रमण हटाया जाए। करीब 44 एकड़ जमीन में फैली मंडी समिति में 258 दुकानें हैं लेकिन मौके पर 500 से ज्यादा स्थायी और अस्थायी दुकान हैं। इन दुकानों को लेकर ही विवाद चल रहा है।
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भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के नाम भी हैं दुकानें
मुरादाबाद। मंडी समिति में अतिक्रमण हटाने विवाद लंबे समय से चल रहा है लेकिन पूरी तरह से अतिक्रमण नहीं हटवा रहा है। मंडी समिति और जिला प्रशासन कार्रवाई करता तो विरोध शुरू हो जाता है। बताया जा रहा है कि लाइसेंसी आढ़ती में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी शामिल हैं। इनके नाम पर या फिर इनके करीबी और रिश्तेदारों के नाम पर आढ़ती के लाइसेंस हैं।
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