कांठ। चीनी मिलों को गन्ना लेकर सड़कों पर दौड़ रहे वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। वाहनों में बेतरीका गन्ना लोडिंग और ढुलाई पर एसडीएम ने भी नाराजगी जताई है और उन्होंने चीनी मिल अधिकारियों से इसमें सुधार कराने को कहा है।
कांठ क्षेत्र में गन्ने की अधिक पैदावार होती है। यहां के किसानों से प्रतिवर्ष दीवान चीनी मिल अगवानपुर, अवध चीनी मिल स्योहारा बिजनौर और त्रिवेणी चीनी मिल रानी नांगल ठाकुरद्वारा के द्वारा गन्ने की खरीद की जाती है। इस वर्ष भी कांठ क्षेत्र में तीनों चीनी मिलों के करीब 70 क्रय केंद्र संचालित हैं। क्रय केंद्रों से चीनी मिलों को गन्ना ढोने के लिए बड़े-बड़े ट्रक लगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर किसान भी अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिलों तक गन्ना ले जाते हैं। लेकिन ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गन्ने को बेतरीका ढंग से भरकर चीनी मिलों को ले जाया जा रहा है। वाहनों में गन्ने को इस तरह से भरा जाता है कि इनके साइड से होकर कोई दूसरा वाहन चालक नहीं निकल सकता। वहीं गन्ने की ओवरलोडिंग होने से ट्रक रेलवे फाटकों पर पड़ने वाले ओवरगेज में फंस रहे हैं और ट्रकों से गन्ना नीचे गिर रहा है, जिस कारण रेलवे फाटकों पर वाहन फसल रहे हैं। वाहनों में गन्ने की बेतरीका लोडिंग पर बृहस्पतिवार को एसडीएम संत दास पंवार ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने तीनों चीनी मिलों के अधिकारियों से इसमें सुधार कराने के लिए कहा है।
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