बिलासपुर(रामपुर)। कोतवाली क्षेत्र के पसियापुर रोड स्थित शहीद बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा नवाबगंज में बुधवार को भी तीसरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। एसडीएम, सीओ, तहसीलदार गुरुद्वारे के मेन गेट पर पूरे दिन मुस्तैद रहे।
गुरुद्वारा प्रबंधन को लेकर दो पक्षों के बीच 15 सितंबर को हुई फायरिंग, पथराव, मारपीट के बाद पुलिस प्रशासन ने गुरुद्वारे से दोनों पक्षों को अलग कर दिया था। प्रशासन ने गुरुद्वारे को अपने कब्जे में लेकर गुरुद्वारे के अंदर पूजा पाठ के लिए रामपुर से पांच ग्रंथियों को बुलाकर धार्मिक कार्य सुचारू करा रखा है, लेकिन विवाद से जुड़े दोनों पक्षों व आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने गुरुद्वारे के रास्ते को बैरिकेडिंग लगाकर पूरी तरह से रास्ता बंद कर दिया, ताकि कोई भी व्यक्ति गुरुद्वारे में प्रवेश न कर सके। सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर भारी पुलिस बल व तहसीलदार शिवकुमार शर्मा को लगाया गया है।
बुधवार को पूरे दिन तहसीलदार भारी फोर्स के साथ गुरुद्वारे पर डेरा जमाए रहे। एसडीएम अरुण कुमार, सीओ रविंद्र प्रताप सिंह भी मेनेगेट पर डेरा जमाए रहे। गुरुद्वारे के अंदर भी पुलिस कर्मी मौजूद थे तथा गुरुद्वारे के चारों तरफ पुलिस बल मुस्तैद है। सभी ग्रंथी भी धार्मिक कार्य करते रहे। गुरुद्वारे के मेन गेट पर भी ताला लगा रहा। एसडीएम व सीओ ने बताया कि गुरुद्वारे की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत है। दोनों पक्षों से जुड़े किसी भी व्यक्ति व किसी भी श्रद्वालु को विवाद निपटने तक गुरुद्वारे के अंदर जाने की अनुमति नहीं है।