ठाकुरद्वारा। नाम वीआईपी कॉलोनी मगर हालात साधारण बस्तियों से भी बदतर। इसकी वजह इस कॉलोनी पर कुड़का नदी की मार है। अतिक्रमण और गंदगी से नदी की चौड़ाई कम हो गई है। बारिश आते ही नदी उफनाने से कॉलोनी के घरों तक पहुंच जाता है। करीब 15 साल से 10 हजार की आबादी बरसात में नदी से पैदा होने वाले संकट से जूझ रहे हैं।
हैरानी इस बात की है कि डीएम के निर्देश के बाद भी जिम्मेदारों ने नदी के आसपास से कब्जे हटवाने, सफाई के साथ नदी की गहराई बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया है। इसके चलते हालिया बारिश ने फिर बड़ी आबादी का जनजीवन प्रभावित किया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि 15 साल से चली आ रही इस समस्या को कुछ समय पहले तब के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के समक्ष रखा गया था। मौका समाधान दिवस का था। तब डीएम ने नदी की पैमाइश कराने, अतिक्रमण हटवाकर, सफाई और गहराई बढ़ाने के निर्देश दिए थे। अभी तक इन निर्देशों पर अमल नहीं हुआ है।
इस क्षेत्र में रहने वाले कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि एसडीएम को ज्ञापन देकर समस्या बताई गई थी। उनके आश्वासन पर भी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के लोग ही नहीं इस इलाके की कोचिंगों में आने वाले तमाम छात्र-छात्राएं भी जलभराव का संकट झेलते हैं।
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पालिका शीघ्र निकालेगी टेंडर
पालिकाध्यक्ष मोहम्मद इरफान सैफी का कहना है कि पांच किमी लंबी नदी की सफाई उसकी पैमाइश बाकी होने से नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका शीघ्र टेंडर निकालकर नदी की सफाई करवाएगी। अतिक्रमण से नदी को संकरा करने वालों को चिह्नित कर कब्जे हटाने का नोटिस दिया गया है।
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राजस्व व पालिका की टीम करेगी कार्रवाई
तहसीलदार अमित कुमार का कहना है कि नगर के लेखपाल राधेश्याम को बुलाकर नदी की स्थिति के बारे में जानकारी ली है। लेखपाल ने बताया है कि पालिका नदी की सफाई के लिए टेंडर निकाल रही है। राजस्व विभाग और पालिका की टीम इस मामले में कार्रवाई करेगी। शीघ्र पोकलैंड मशीन से नदी की सफाई और गहराई ठीक कराई जाएगी।